महंत बाबा हाथीराम पजावा रामलीला कमेटी की ओर इस बार प्रभु श्रीराम-लक्ष्मण और माता जानकी करीब 150 वर्ष पुराने लाहौरी मुकुट धारण करेंगे। मुकुट पूजन की तैयारियों के क्रम में सभी 10 मुकुट की शाहगंज स्थित राम मंदिर में साफ-सफाई की जा रही है।
महंत बाबा हाथीराम पजावा रामलीला कमेटी की ओर इस बार प्रभु श्रीराम-लक्ष्मण और माता जानकी करीब 150 वर्ष पुराने लाहौरी मुकुट धारण करेंगे। मुकुट पूजन की तैयारियों के क्रम में सभी 10 मुकुट की शाहगंज स्थित राम मंदिर में साफ-सफाई की जा रही है।
विज्ञापन
कमेटी के कोषाध्यक्ष अमिताभ टंडन के मुताबिक मुकुट का निर्माण लाला मनोहर दास बच्चाजी के परिवार ने लाहौर के कारीगरों से कराया था। सभी मुकुट कमेटी के पास सुरक्षित हैं। वित्त मंत्री सचिन कुमार गुप्ता ने बताया की 17 सितंबर बुधवार शाम शाहगंज राम मंदिर में सात बजे से होने वाले मुकुट पूजन की तैयारी चल रही है।
पुरानी है अनूठी परंपरा
कमेटी के वरिष्ठ सदस्य मोहनजी टंडन ने बताया कि मुकुट पूजन की परंपरा पुरानी है। शाहगंज स्थित मंदिर में 111ब्राह्मणों एवं वेदपाठियों की ओर से मंत्र उच्चारण कर विधि-विधान से भगवान राम, माता सीता, लक्ष्मण, भारत एवं शत्रुघ्न का परंपरागत तरीके से मुकुट पूजन होता है। नवरात्र के प्रथम दिन से भगवान स्वर्णिम मुकुट धारण करते हैं l इसी के साथ दशहरा उत्सव शंखनाद हो जाता है।