जिले में कोरोना संक्रमितों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। बृहस्पतिवार को एक महिला समेत दो नए लोग कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। इनमें एक कोरोना से जान गंवाने वाले इंजीनियर की मां हैं और दूसरा 58 वर्षीय व्यक्ति हंडिया के शरीफपुर का रहने वाला है। वह मुंबई से आया था। उसे कोटवा बनी अस्पताल में भर्ती किया गया है। जबकि बुजुर्ग महिला को एसआरएन शिफ्ट कर दिया गया। इन दो मरीजों के साथ जिले में कोरोना संक्रमितों की संख्या 17 हो गई है।
इंजीनियर की 80 वर्षीय मां कालिंदीपुरम इंस्टीट्यूशनल सेंटर में क्वारंटीन हैं। स्वास्थ्य विभाग ने परिवार के कई सदस्यों को कोरोना संक्रमित पाए जाने के बाद उनका भी स्वाब नमूना जांच के लिए मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग भेजा था। दोपहर बाद रिपोर्ट पॉजिटिव आई। उनकी स्थिति को देखते हुए आननफानन में उन्हें एसआरएन अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में शिफ्ट कराया गया।
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मुंबई से आए व्यक्ति को पांच मई को एसआरएन की कोविड ओपीडी में जांच के बाद कोरोना संदिग्ध बताया गया था। उसे अस्पताल में भर्ती कर छह मई को उसका स्वाब नमूना जांच के लिए भेजा गया। रिपोर्ट पॉजिटिव आने पर उसे कोटवा बनी अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया।
दोनों मरीजों के लक्षण प्रारंभिक तौर पर कोरोना के माने जा रहे थे। सर्दी-जुकाम के साथ बुखार की भी शिकायत चिकित्सकों को बताई गई। सीएमओ मेजर डॉ. जीएस बाजपेयी के मुताबिक दोनों मरीजों की हालत हालत स्थिर है। कोटवा बनी अस्पताल में कुल 15 मरीज भर्ती हैं। इनमें 12 प्रयागराज के और तीन मरीज प्रतापगढ़ के हैं। सभी की स्थिति सामान्य है।
उधर, जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने बृहस्पतिवार को हंडिया के मरीज की ट्रेवेल हिस्ट्री खंगालने के लिए जांच पड़ताल शुरू की। अफसरों को यह बात नहीं पच रही है कि मरीज मुंबई से ट्रक से तीन मई को आया और शहर में ही घूमता रहा। उसने बताया कि वह घर नहीं गया, जबकि अंदेशा है कि वह घर गया होगा, फिर वहां से एसआरएन अस्पताल पहुंचा। ऐसी स्थिति में उसके घर और परिवारीजन ही नहीं, गांव वालों के भी संक्रमित होने का खतरा बढ़ा है।