प्रयागराज में एक युवक ने मां और बहन को कुल्हाड़ी से मार डाला। पिता को मरणासन्न कर दिया है। इसके अलावा भाई-भाभी और दो भतीजों को जिंदा फूंकने की कोशिश की। करेली में तीन घंटे तक बवाल हुआ। आरोपी को लेकर कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं।
प्रयागराज के करेली में मां-बहन को मौत के घाट उतारने वाला आरिफ सिद्दीकी तालिबान लड़ाकों के वीडियो भी देखता था। उसकी यू ट्यूब की सर्च हिस्ट्री में इसके सबूत मिले हैं। उधर परिवार के एक करीबी ने भी इसकी पुष्टि की है। उसका कहना है कि तालिबान के नौहें वह मोबाइल में लगाकर अक्सर सुना करता था।
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पुलिस उसके मोबाइल को जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेजने की तैयारी में है। नाम न छापने के अनुरोध के साथ परिवार के बेहद करीबी शख्स ने बताया कि आरिफ आठवीं तक बीएचएस में पढ़ा था। बाद में उसने बीकॉम भी किया। घर में छोटा होने के कारण मां-बाप उसका लाड़-प्यार ज्यादा करते थे।
यही वजह थी कि वह बेहद जिद्दी स्वभाव का हो गया था। उन्होंने बताया कि वह तालिबानी लड़ाकों के वीडियो भी देखता था। अफगानिस्तान में तालिबान की हूकूमत के बाद के वीडियो देखने के साथ ही वह नौहें भी सुनता था। उसकी गतिविधियां देखकर परिवारवाले भी हैरान रह जाते थे, लेकिन उग्र स्वभाव वाला होने के कारण कोई उससे कुछ बोलता नहीं था।
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उधर पुलिस को उसका मोबाइल भी हाथ लगा है। सूत्रों का कहना है कि उसके मोबाइल के यू ट्यूब हिस्ट्री में तमाम वीडियो सर्च करने की बात सामने आई है। इसमें तालिबान के वीडियो भी शामिल हैं। पुलिस उसके मोबाइल की फोरेंसिक जांच भी कराने की तैयारी में है। जल्द ही उसे एफएसएल भेजा जाएगा।
पुलिस ने आरोपी को भेजा जेल
पुलिस ने शुक्रवार को आरोपी आरिफ को कोर्ट की अनुमति से जेल भेज दिया। तीन दिन तक गहन पूछताछ व उपचार कराने के बाद शनिवार को दोपहर उसे कोर्ट में पेश किया गया। जहां से कोर्ट की अनुमति पर उसे जेल भेज दिया गया।
पखवारे भर पहले भतीजों और भांजे को लेकर गया था कछार
आरिफ के बारे में एक और बात सामने आई है। परिवार के करीबी शख्स ने बताया कि वह घरवालों से कोई मतलब नहीं रखता था। हालांकि 15 दिन पहले एक अजीब वाकया हुआ। वह अपने दोनों भतीजों हसैनन व अली के अलावा भांजे अम्मार को क्रिकेट खिलाने की बात कहकर कछार में ले गया था। वहां उसके साथ एक और शख्स था। हसनैन ने परिवारवालों को लौटने के बाद इस बारे में बताया था। इस बात की भी आशंका जताई जा रही है कि कहीं उसका इरादा तीनों को नुकसान पहुंचाने का तो नहीं था।
किसी से नहीं करता था बातचीत, दोस्त भी नहीं थे
आरिफ के मामले में यह भी बात सामने आई है कि वह एकांतवादी था। मोहल्ले में भी किसी से बातचीत नहीं करता था। वह अपनी बेटी को स्कूल छोड़ने व ले आने जाता था और फिर घर में ही रहता था। उसका कोई दोस्त भी नहीं था।
बेटी का चेहरा तक देखने नहीं दिया
परिवार के करीबी शख्स ने यह भी दावा किया कि आरिफ शादी के बाद से परिवारवालों से बेहद नाराज रहने लगा था। यहां तक कि मां-बाप से भी आए दिन झगड़ने लगा था। दावा यह भी है कि आने जाने के दौरान वह अपनी बच्ची का चेहरा तक परिवारवालों को नहीं देखने देता था। स्कूल ले जाने व घर वापस लाने के दौरान वह उसका चेहरा दुपट्टा से ढके रहता था। उसके कमरे में कोई आ-जा नहीं सकता था।
पत्नी ने क्यों नहीं दी पुलिस को जानकारी
मामले में आरिफ की पत्नी नौशीन की भूमिका भी संदिग्ध है। घटना में किसी तरह से उसकी संलिप्तता के सबूत फिलहाल पुलिस को नहीं मिले हैं। लेकिन सवाल यह है कि भारी मात्रा में तेजाब की बोतलें कमरे में रखने के बावजूद इसकी जानकारी उसने पुलिस या घरवालों को क्यों नहीं दी? आखिर उसे कैसे नहीं पता चला कि जिस कमरे में वह रहती थी, उस कमरे में आरिफ इतनी बड़ी साजिश रच रहा है और अपनों की ही मौत का सामान इकट्ठा कर रहा है। करेली पुलिस का कहना है कि फिलहाल अब तक आरोपी की पत्नी से संपर्क नहीं हो सका है।
पत्नी की नौकरी को लेकर भी था विवाद
प्रयागराज। आरिफ की पत्नी नौशीन की नौकरी को लेकर भी घर में विवाद था। यह बात पूछताछ में खुद उसने पुलिस को बताई है। कहा कि जब भी वह जायदाद में हिस्सा या खर्च मांगता, तो उसे पत्नी की नौकरी का हवाला देकर मना कर दिया जाता था। इससे पहले उसकी शादी का भी घरवालों ने विरोध किया था। दरअसल आरिफ की पत्नी नौशीन की यह दूसरी शादी है। उसने यह भी बताया कि उसे नीचे का कमरा दिया गया था, जिसमें बरसात में पानी भर जाता था।
पिता के ही घर में रहती है एक अन्य बहन
पुलिस की पूछताछ में आरोपी आरिफ ने यह भी बताया कि उसकी एक अन्य बहन भी पिता के ही घर में रहती है। उसका पति से तलाक हो चुका है। परिवार पहले उसी घर में रहता था। बाद में उसके पिता ने गौसनगर में जमीन खरीदकर मकान बनवा लिया था।
चौकी में दरोगा के सामने भाई से कहा- सब तेरी वजह से हुआ
घटना के बाद एसआरएन चौकी में पहुंचने के दौरान भी आरिफ ने अपने भाई आजम को धमकाया था। परिवार के करीबी शख्स ने बताया कि पंचनामा के कागजात पर दस्तखत के लिए आजम को एसआरएन चौकी में बुलाया गया था। इस दौरान आरिफ को भी वहीं बैठाया गया था। भाई को देखते ही उसने कहा था कि... सब तेरी वजह से हुआ है।