अब यहां स्लीपिंग पॉड को हटाए जाने का कार्य भी शुरू हो गया है। उक्त संचालक द्वारा कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर बनाया गया स्लीपिंग पॉड भी बंद कर दिया गया है। इसी तरह रेल कोच रेस्टोरेंट भी 21 मई 2024 को खोला गया था। शुरुआत में रेल कोच रेस्टोरेंट को लेकर लोगों में खासा क्रेज भी रहा। खूब रील भी लोगों ने बनाईं, लेकिन बाद में लोगों की कम आवाजाही के चलते संचालक द्वारा इसे बंद कर दिया। बाद में उसके लिए दोबारा टेंडर हुआ।
जिस फर्म को रेल कोच रेस्टोरेंट पहले मिला था, उसे ही कम शुल्क पर दोबारा इसका आवंटन किया गया। महाकुंभ के दौरान इसका संचालन हुआ, लेकिन 26 मार्च के बाद इसे अचानक बंद कर दिया गया। इसे बंद करने की वजह भी यात्रियों की कम आवाजाही बताई जा रही है।
रेल कोच रेस्टोरेंट जिस स्थान पर बनाया गया है, वहां यात्रियों की कम आवाजाही होती है। इस वजह से हम रोज का खर्च नहीं निकाल पा रहे थे। इसके चलते इसे बंद करने का निर्णय लिया गया है। इसे अच्छी लोकेशन पर शिफ्ट करने की जरूरत है। - पर्वत सिंह यादव, संचालक, रेल कोच रेस्टोरेंट
महाकुंभ में ही स्लीपिंग पॉड ठीक से चला, लेकिन बीते एक माह से यहां गिने चुने लोग ही रुकने के लिए आ रहे थे। इस वजह से नुकसान हो रहा था। प्रयागराज और कानपुर दोनों ही जगह स्लीपिंग पॉड बंद कर दिए गए हैं। - अमृतेश्वर सिंह, संचालक, स्लीपिंग पॉड
महाकुंभ तक स्लीपिंग पॉड और रेल कोच रेस्टोरेंट का बड़ी संख्या में लोगों ने उपयोग किया। इससे इन दोनों ही जगह पर्याप्त कमाई संबंधित फर्म ने की। जो लागत थी उससे ज्यादा उनकी कमाई हुई। ऐसे में यहां दोनों फर्म फायदे में ही रहीं। - हिमांशु शुक्ला, सीनियर डीसीएम, प्रयागराज मंडल