Prayagraj is also in need, but not expected now
प्रयागराज। पुलिस कमिश्नर प्रणाली भले ही अभी महज सूबे के दो शहरों में लागू की गई हो। लेकिन नियमावली के हिसाब से कई अन्य शहर भी इस रेस में हैं। इनमें प्रयागराज भी शामिल है। हालांकि फिलहाल अभी इसके आसार कम ही दिखते हैं।
जिले में वर्तमान समय में कुल 39 थाने हैं। नगर के अलावा इसे यमुनापार व गंगापार क्षेत्र में बंाटा गया है। केवल शहर क्षेत्र की बात करें तो यहां कुल 15 थाने हैं। उत्तर दिशा में शिवकुटी, दक्षिण में करेली, पूरब में दारागंज और पश्चिम में धूमनगंज थाने तक शहरी क्षेत्र की सीमा मानी जाती है। विस्तार होने के कारण कई बार शहर के आखिरी छोर पर स्थित इलाकों में पुलिसिंग में कई तरह की दिक्कतें सामने आती हैं। जानकारों का कहना है कि ऐसे में पुलिस आयुक्त प्रणाली लागू होने पर इस व्यवस्था में कई तरह की दिक्कतें दूर हो सकती हैं। पुलिस को मजिस्ट्रेटी अधिकार मिलने पर कानून व्यवस्था और बेहतर ढंग से लागू कराई जा सकेगी। पुलिस नियमावली के मुताबिक शहरी क्षेत्र में 10 लाख से ज्यादा आबादी होने पर पुलिस आयुक्त प्रणाली लागू की जा सकती है। इस हिसाब से लखनऊ व नोएडा के अलावा अन्य बहुत से शहर भी इस व्यवस्था के लिए अर्ह हैं। जिनमें प्रयागराज भी शामिल है। हालांकि जानकारों का यह भी कहना है कि लखनऊ व नोएडा में यह व्यवस्था एक तरह से पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर की गई है। यहां इस व्यवस्था के सफल रहने के बाद ही अन्य शहरों में इसे लागू करने को लेकर बात बढ़ सकती है।