प्रथम दृष्टया जांच में दोषी पाया गया दरोगा
साथ ही एसओ से मिलाने की बात कहकर अगले दिन थाने आने को कहता है। ऑडियो वायरल होने के बाद हड़कंप मच गया। एसपी यमुनापार सौरभ दीक्षित को जानकारी मिली तो उन्होंने जांच पड़ताल शुरू की। जिसमें यह बात सामने आई कि ऑडियो में एक आवाज दरोगा बृजेश चौरसिया की है।
प्रथमदृष्टया अभद्रता के आरोप सही मिलने पर कार्रवाई की संस्तुति करते हुए उन्होंने रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी। रिपोर्ट का संज्ञान लेते हुए शाम को आरोपी दरोगा को सस्पेंड कर दिया गया। एसएसपी अजय कुमार ने बताया कि उसके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू करा दी गई है।
थानाध्यक्ष की भी बैठाई जांच
दरोगा पर कार्रवाई के साथ ही एसएसपी ने घूरपुर थानाध्यक्ष धीरेंद्र सिंह की भी जांच का आदेश दे दिया है। सूत्रों का कहना है कि वायरल ऑडियो सुनने से प्रथमदृष्टया यही प्रतीत होता है कि घूरपुर थाना क्षेत्र में अवैध खनन जोरों पर है।
ऑडियो में हुई बातचीत के दौरान कुछ अन्य लोगों के भी नाम सामने आए हैं जिनको अवैध खनन से संबंधित रुपये दिए जाने की भी बात सुनाई पड़ती है। इसी को देखते हुए मामले में एसओ की भूमिका की जांच कराई जा रही है।
मुख्यमंत्री से की गई थी शिकायत
घूरपुर क्षेत्र में अवैध खनन का मामला नया नहीं है। पिछले दिनों नाविक संघ की ओर से शिकायती पत्र मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेजी गई थी। जिसमें एसओ की शह पर अवैध खनन का आरोप लगाया गया था। सूत्रों का कहना है कि बसवार, इमलिया, पालपुर में धड़ल्ले से अवैध खनन चल रहा है। इस खेल में शामिल लोगों को स्थानीय पुलिस के साथ ही कई सफेदपेशों का भी संरक्षण प्राप्त है।