हिंडन रिवर मिल्स लिमिटेड की भूमि अधिग्रहण के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने निचली अदालत के फैसले के साथ मुआवजे से जुड़े सभी रिकॉर्ड तलब किए हैं। इसके साथ ही मामले में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचए) से जवाब मांगा है। हिंडन रिवर मिल्स लिमिटेड की याचिका पर हाईकोर्ट की दो जजों की खंडपीठ सुनवाई कर रही थी। याची ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को पार्टी बनाया गया है। इस मामले में याची का पक्ष रखने केलिए पूर्व विदेश मंत्री और वरिष्ठ अधिवक्ता सलमान खुर्शीद भी पहुंचे थे।
याची के अधिवक्ता का तर्क था कि उसे उसकी अधिग्रहीत की गई भूमि का मुआवजा कम दिया गया है। मुआवजे की रकम निर्धारित करने केनियुक्ति अधिकारी ने उनकी अधिग्रहीत की गई भूमि का मूल्यांकन कम लगाया। जबकि प्रतिवादी केअधिवक्ता की ओर से तर्क दिया गया कि याची ने इस मामले में निचली अदालत में भी याचिका दाखिल की थी लेकिन कोर्ट ने उसे खारिज कर दिया। इसलिए याची की याचिका पोषणीय नहीं है।
इस पर याची के अधिवक्ता ने सुप्रीम कोर्ट के कई फैसलों का हवाला देकर अधिग्रहीत की गई भूमि के मूल्यांकन फिर से किए जाने की मांग की। इस पर कोर्ट ने मामले से जुड़े सभी रिकार्ड पेश करने को कहा और एनएचएआई को जवाब दाखिल करने को कहा है। अधिवक्ता सैयद मोहम्मद हसनैन ने बताया कि मामले की पैरवी करने के बाद पूर्व विदेश मंत्री चार्र्ट्ड प्लेन से दिल्ली लौट गए।