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प्रयागराजः अपराधियों का गढ़ बने इविवि के हॉस्टल

Tue, 16 Apr 2019 01:09 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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इलाहाबाद विश्वविद्यालय
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पुलिस अफसर व इलाहाबाद विश्वविद्यायल प्रशासन चाहे कुछ भी कहे, लेकिन सच यह है कि विवि के हॉस्टल अपराधियों का गढ़ बन चुके हैं। छह महीने के भीतर हॉस्टल के अंदर दूसरी हत्या के बाद साफ हो गया है हॉस्टलों से बेरोकटोक आपराधिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं। इन पर लगाम लगा पाने में विवि प्रशासन के साथ ही पुलिस अफसर भी नाकाम हैं। 
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विवि के जिस पीसी बनर्जी हॉस्टल में पिछले साल एक नवंबर को अच्युतानंद शुक्ला उर्फ सुमित की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। बता दें कि25 हजार का इनामी अच्युतानंद कई मामलोें में वांछित था और पुलिस का दावा था कि उसकी सरगर्मी से तलाश की जा रही है। इससे पहले अक्टूबर 2017 में बसपा नेता राजेश यादव की ताराचंद हॉस्टल के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। रविवार को पीसीबी हॉस्टल में हुई वारदात को मिला लें तो डेढ़ साल के भीतर ही यहां तीन हत्याएं हो चुकी हैं। इसके अलावा हॉस्टलों में बमबाजी, फायरिंग की घटनाएं आम हैं। 

हॉस्टलों में आपराधिक तत्वों ने बसेरा बना रखा है और हॉस्टलों में होने वाली छापेमारी के दौरान लगातार यह बातें सामने आती रही हैं। कई बार ऐसा हुआ है जब हॉस्टलों से इनामी अपराधियों की गिरफ्तारी हुई है। पिछले साल नवंबर 2018 में ताराचंद हॉस्टल में छापा मारकर पुलिस ने 50 हजार के इनामी आकाश सिंह व उसके साथियों को गिरफ्तार किया था। आकाश सलोरी में रहने वाले भाजपा नेता राजू शुक्ला के घर फायरिंग, बमबाजी के अलावा कई अन्य मामलों में वांछित था। उसके कब्जे से पिस्टल के साथ ही कारतूस बरामद हुआ था। तलाशी के दौरान  पता चला था कि आकाश व उसके साथियों ने हॉस्टल केचार कमरों पर कब्जा जमा रखा था। छापेमारी के दौरान पुलिस को एक कमरे से बारूद भी मिला था।  
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लगातर सामने आ रही वारदातों से एक और बात पता चलती है कि जिन वांछित अपराधियों को पुलिस सरगर्मी से ढूढ़ने के दावे करते नहीं थकती, वह इविवि के हॉस्टलों में बेरोकटोक घूमते नजर आते हैं। जिस वक्त अच्युतानंद उर्फ सुमित शुक्ला की हत्या हुई, उस पर 25 हजार का इनाम घोषित था। इसी तरह गिरफ्तार किए जाने से पहले 20 हजार का इनामी आकाश भी ताराचंद हॉस्टल से ही आपराधिक गतिविधियां संचालित कर रहा था जिसके दावे ख्ुाद अफसरों ने किए थे। अब रोहित शुक्ला की हत्या के बाद भी यही सवाल खड़े हो रहे हैं। दरअसल कर्नलगंज पुलिस ने बताया है कि रोहित पर छह मुकदमे दर्ज थे और वह वांछित भी था। 

इविवि हॉस्टल में इनामी छात्रनेताओं की मौजूदगी की बात पुलिस हमेशा नकारती रही। लेकिन छात्रसंघ चुनाव के दौरान सामने आई एक तस्वीर ने उसके दावों की पोल खोल दी थी। तब छात्रसंघ चुनाव के दौरान पूर्व महामंत्री अभिषेक सिंह माइकल समेत चार छात्रनेताओं पर 25 हजार का इनाम घोषित किया गया था। तत्कालीन एसएसपी का दावा था कि छात्रसंघ चुनाव से अपराधी तत्वों को दूर रखने के लिए ही यह कार्रवाई की गई है। लेकिन इसी वक्त सोशल मीडिया पर वायरल एक तस्वीर ने पुलिस के दावोें पर सवाल खड़े कर दिए थे। इनामी अभिषेक सिंह माइकल ताराचंद हॉस्टल में खुलेआम मीटिंग करते नजर आया था। इसके बाद भी पुलिस अफसर मानने को तैयार नहीं थे कि इनामी हॉस्टलों में मौजूद हैं। 
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