शहरियों को इस साल गृहकर वृद्धि से राहत मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। महापौर ने बृहस्पतिवार को नगर आयुक्त और अन्य अफसरों की बैठक में इसके संकेत दिए। उन्होंने साफ कहा कि कोरोना महामारी से बचाव को किया गया लॉक डाउन शहरियों पर और भारी न पड़े इसलिए प्रस्तावित गृहकर वृद्धि फिलहाल स्थगित की जाए। आय और खर्च के आकलन के बाद सोमवार को इस पर अंतिम निर्णय होगा।
नगर निगम की गृहकर वसूली से करीब 58 करोड़ की आय होती है। इसके सापेक्ष खर्चे कुछ ज्यादा हैं। कोविड-19 से बचाव के लिए निगम की ओर से किए गए कार्यों से भी खर्च बढ़े हैं। वहीं एक शासनादेश के मुताबिक अब नगर निगम राज्य वित्त आयोग की प्राप्त रकम से पांच करोड़ रुपये वेतन के मद में जलकल विभाग को आवश्यक रूप से देगा।
गृहकर वृद्धि प्रस्ताव लागू होने से शहरियों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा, इसके मद्देनजर महापौर अभिलाषा गुप्ता नंदी ने बैठक बुलाई थी। बैठक में नगर आयुक्त रवि रंजन, सीएफओ, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी पीके मिश्रा समेत अन्य अफसर मौजूद रहे। निगम के खर्चों का आकलन किया गया। इस पर दो चरणों की अंतिम बैठक सोमवार को होगी। साथ ही उन लोगों को भी राहत मिल सकती है, जो मार्च में बकाया गृहकर अदा नहीं कर पाए। उन्हें उत्पीड़न की कार्रवाई से मुक्त कर बकाया कर अदा करने का मौका दिया जाएगा।
0 शहरियों को प्रस्तावित गृहकर वृद्धि से राहत देने की मंशा है। लॉक डाउन के दौरान बदली परिस्थितियों पर विचार किया जा रहा है। नगर आयुक्त समेत अन्य अफसर भी लोगों की परेशानी समझ रहे हैं। सोमवार को प्रस्तावित बैठक में गृहकर वृद्धि प्रस्ताव फिलहाल स्थगित करने का प्रारूप विचारणीय है। निर्णय जनहित में लेकर लोगों को राहत दी जाएगी। -अभिलाषा गुप्ता नंदी, महापौर