इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पूर्व ऊर्जा मंत्री रामवीर उपाध्याय के मामले में निचली अदालत की कार्रवाई पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही मामले में प्रतिवादी से जवाब दाखिल करने को कहा है। यह आदेश रामवीर उपाध्याय की याचिका पर न्यायमूर्ति राजीव गुप्ता की एकल खंडपीठ ने दिया है।
याची की ओर से पैरवी कर रहे जीएस चतुर्वेदी ने तर्क दिया कि मामले में याची के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट के अंतर्गत गठित विशेष न्यायालय में सुनवाई चल रही है। मामले में विशेष न्यायालय के न बैठने से सुनवाई ठप पड़ी थी। हाल ही में अपर जिला एवं सत्र न्यायालय चतुर्थ ने मामले का संज्ञान ले लिया। जबकि, याची का मामला विशेष अधिनियम के अंतर्गत है और उस पर विशेष न्यायालय को ही सुनवाई का अधिकार है।
अपर सत्र एवं जिला न्यायाधीश चतुर्थ को मामले में सुनवाई का अधिकार नहीं है। उन्हें इस मामले को संज्ञान लेने का अधिकार नहीं है। हाईकोर्ट ने निचली अदालत की कार्रवाई पर रोक लगा दी और मामले में प्रतिवादी संख्या दो से दस दिन में जवाब दाखिल करने का आदेश दिया। ब्यूरो