फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Prayagraj Ground Report: शिक्षा से लेकर आस्था के केंद्र बड़े हनुमान मंदिर तक, क्या-क्या बदला? देखिए रिपोर्ट

Fri, 24 Apr 2026 11:43 AM IST
Akash Dubey अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

प्रयागराज का दौरा कर जिले की क्षमताओं और जमीनी बदलावों को समझा। टीम ने स्टार्टअप, स्थानीय विकास, धार्मिक पर्यटन और शिक्षा के क्षेत्र में परिवर्तनों का जायजा लिया। लोगों से जाना कि वह इन मुद्दों पर क्या राय रखते हैं। देखें पूरी रिपोर्ट-
विज्ञापन
प्रयागराज ग्राउंड रिपोर्ट - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अमर उजाला की टीम ने उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले का दौरा किया, जिसका उद्देश्य राज्य की क्षमताओं और जमीनी स्तर पर हो रहे बदलावों को समझना था। टीम ने यहां स्टार्टअप्स कल्चर, स्थानीय विकास, धार्मिक पर्यटन, शिक्षा के क्षेत्र में हुए परिवर्तनों का जायजा लिया। इस दौरान लोगों से विभिन्न मुद्दों पर खुलकर बात की गई। विकास कार्यों से लोगों के जीवन में आए सकारात्मक बदलावों को भी परखा गया। यह गहन ग्राउंड रिपोर्ट इन विकास कार्यों के प्रभाव को समझने का एक प्रयास है, जिसमें क्षेत्र की एक नई तस्वीर सामने आई है।

विज्ञापन


अप्रैल 2027 तक बदल जाएगा प्रयागराज रेलवे स्टेशन, जानें क्या है प्लानिंग?
प्रयागराज में उत्तर मध्य रेलवे के सीपीआरओ शशिकांत त्रिपाठी ने बताया कि हम लोग प्रयागराज में हैं और प्रयागराज जंक्शन अपने आप में उत्तर मध्य रेलवे का और उत्तर प्रदेश का एक बहुत महत्वपूर्ण स्टेशन रहा है। अब हम 960 करोड़ रुपये के एक बड़े इंवेस्टमेंट के साथ स्टेशन का पुनर्निर्माण कर रहे हैं। खास बात ये है कि इस पुनर्निर्माण के बाद प्रयागराज जंक्शन का जो स्वरूप है, वह पूरी तरह से बदल जाएगा। अब प्रयागराज स्टेशन दो पार्ट में है। एक सिविल लाइन और लीडर रोड साइड पर है। सिविल लाइन साइड पर 80 फीसदी से ज्यादा का काम हो चुका है। अब हम इसके बाद लीडर रोड पर कार्य शुरू कर रहे हैं। हमारा लक्ष्य अप्रैल 2027 तक है। जो विरासत के साथ विकसित भारत की छवि को बनाकर रखेगा।

यहां सुनें पूरी बातचीत-


कितना फल-फूल रहा स्टार्टअप कल्चर?
ड्रोन कंपनी के मालिक प्रयागराज के युवा उद्यमी शिवेश गौड़ ने बताया कि पहली बार एक एक्सपो में ड्रोन में देखा। रोबोटिक्स और एविएशन में उनकी पहले से रुचि थी। उन्होंने कहा, ड्रोन का विकास मैंने कॉलेज के तीसरे साल में किया। आठ-नौ महीने में यहां का पहला सेमी आटोमेटिक ड्रोन बनाकर तैयार किया। 2016 को मेरी कंपनी इनकॉरपोरेट हुई थी। तभी भारत में स्टार्टअप इंडिया का कंसेप्ट आया था। उसके आधार पर हमने स्टार्टअप रजिस्ट्रेशन डाला। हमारे स्टार्टअप को आईआईटी बीएचयू से अनुशंसा मिली।  
विज्ञापन


यहां सुनें पूरी बातचीत-


बड़े हनुमान मंदिर का कॉरिडोर बनने से क्या आया बदलाव?
महाराष्ट्र के पुणे से बड़े हनुमान मंदिर में दर्शन करने आईं सुरेखा ने बताया कि कॉरिडोर बनने से बहुत अच्छा हो गया है यहां। दस मिनट में हमने दर्शन कर लिए। भीड़ प्रबंधन अच्छा है। जो-जो बाहर से आएगा वह यहां की व्यवस्था को देखकर खुश होकर ही जाएगा। सीएम योगी धार्मिक स्थलों का अच्छे से ध्यान रख रहे हैं। दर्शन करने आए श्रद्धालु कुलदीप मिश्रा ने बताया कि कॉरिडोर बनने से यहां की मानो व्यवस्था ही बदल गई, चाहे कितनी भी भीड़ हो, यहां की व्यवस्था कायम रहती है।

यहां सुनें पूरी बातचीत-


राज्य सरकार की नीतियां कैसे शिक्षा को बना रही बेहतर?
रज्जू भैया स्टेट यूनिवर्सिटी के वीसी डॉक्टर अखिलेश कुमार सिंह ने कहा कि प्रोफेसर राजेंद्र सिंह रज्जू भैया विश्वविद्यालय जो राज्य विश्वविद्यालय है।  इसकी स्थापना 2016 में हुई। मात्र 10वें साल में प्रवेश कर रहा है। अगर इसकी प्रगति से शिक्षा की प्रगति देखूं तो आप अंदाजा लगा पाएंगे कि हमारे विश्वविद्यालय में चार जिल हैं। जिसमें कौशांबी, प्रतापगढ़, फतेहपुर और प्रयागराज हैं।  इस कैंपस में 43 पाठ्यक्रम हैं और 3300 विद्यार्थी अध्यनरत हैं। कैंपस पूरा तैयार है। शासन ने कैंपस को बनाने के लिए 256 करोड़ रुपये की मदद दी। रिसर्च स्कॉलर अनभूति दीक्षित ने बताया कि अगर स्टेट यूनिवर्सिटी की बात करें तो ये अच्छा है, लोकल बच्चों के लिए। वो आसानी से जुड़ सकते हैं। पीएचडी स्कॉलर रत्ना सिंह ने कहा कि मुझे लगता है कि सर देखिए जो इस समय हमारा आज का वर्तमान परिदृश्य चल रहा है। अगर हम केंद्रीय और राज्य विश्वविद्यालय की बात करें तो राज्य यूनिवर्सिटी की जो संख्याएं हैं और हमारे जैसे एक ही शहर में है। 
विज्ञापन


यहां सुनें पूरी बातचीत-

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें