क्षेत्र के अरैल बांध पर मंगलवार देर शाम सामूहिक दुराचार के प्रकरण में पीड़ित महिला के परिजनों ने गैंगरेप की बात को नकार दिया है। महिला और उसके परिजनों ने लिखित में भी दे दिया है।
अरैल बांध रोड पर नए एवं पुराने यमुना पुल के बीच में पड़ने वाली फूलमंडी पुलिया के नीचे मंगलवार की देर शाम को एक महिला के साथ ई रिक्शा चालक समेत तीन लोगों के सामूहिक दुष्कर्म की सूचना मिली। मौके पर पहुंचे इंस्पेक्टर नैनी बीके सिंह उस महिला को लेकर सीएचसी चाका गए। फिर वहां से डफरिन ले जाया गया। पता चलने पर उसके परिवार के लोग भी पहुंच गए। मंगलवार को पुलिस ने कहा कि वह पति से झगड़ा करके घर से निकल गई थी।
सके बाद सब्जी मंडी से ई रिक्शा से दो लड़के उसे लेकर अरैल की तरफ गए। बुधवार को बताया गया कि महिला मानसिक विक्षिप्त है। उसका इलाज चल रहा है। इसलिए उसे कमरे में बंद करके पति अपने काम पर जाता था। मंगलवार को मौका पाकर वह घर से छत के रास्ते बाहर निकल गई और वहां से सब्जी मंडी चली गई। वहां से ई रिक्शा से वह अरैल की तरफ गई। बांध रोड पर वह ई रिक्शा से उतरकर यमुना की तरफ चली गई। फिर वहां लेट गई। ई रिक्शा वाला सड़क पर खड़े होकर पानी पी रहा था। चरवाहों ने देखा तो उन्हें शक हुआ। इसी शक में ई रिक्शा चालक को पकड़ लिया और पीट कर पुलिस को सौंप दिया। पुलिस का दावा है कि महिला ने खुद लिख कर दिया है कि उसके साथ कुछ नहीं हुआ।