नए रिकॉर्ड की ओर बढ़ रहा जलस्तर
माना जा रहा है कि गंगा-यमुना का जलस्तर ऐसा ही बढ़ता रहा तो 1978 की बाढ़ का रिकार्ड टूट जाएगा। केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों पर गौर करें तो 1978 में गंगा नदी फाफामऊ में 88.390 मीटर तो यमुना नदी के नैनी में 87.990 मीटर तक पहुंचने का रिकार्ड है।
नदियों में बाढ़ के साथ बारिश ने भी कहर बरपाया है। शहर से देहात शनिवार को करीब 62 एमएम बारिश रिकार्ड की गई। इस दाैरान काैशाम्बी के बहादुरपुर, कोखराज और पश्चिम शरीरा में अलग-अलग कच्चे मकान ढहने से मलबे में दबकर मां-बेटी सहित तीन लोगों की मौत हो गई जबकि पांच लोग जख्मी हो गए।
इसके अलावा प्रयागराज के मंसूराबाद क्षेत्र स्थित उल्दा गांव में साथियों संग बाढ़ देखने गया किशोर (कक्षा 11वीं का छात्र पप्पू गाैतम) गहरे नाले में डूब गया। मशक्कत के बाद उसका शव बरामद किया गया।
जिले में करीब 106 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। इसमें 49 नगरीय क्षेत्र के मोहल्ले भी शामिल हैं। 18 राहत शिविर खोले गए हैं। ग्रामीण क्षेत्र में जहां रास्ते कट गए हैं, वहां 159 नावें लगाई गईं हैं। जहां से सूचना आ रही है, वहां तुरंत राहत पहुंचाया जा रहा है। एनडीआरएफ की दो और टीमें मंगाई गई हैं। -मनीष कुमार वर्मा, जिलाधिकारी प्रयागराज