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Prayagraj Flood News : नदियों का जलस्तर होने लगा कम पर अभी टला नहीं खतरा, पहाड़ों पर बारिश जारी

Sat, 30 Aug 2025 01:38 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

गंगा और यमुना का जलस्तर नीचे जा रहा है। इससे कछारी इलाके के लोगों में राहत है। हालांकि पहाड़ों पर बारिश जारी है। ऐसे में बाढ़ का खतरा अभी बना हुआ है। अब भी हजारों परिवार बाढ़ में फंसे हैं।
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अशोक नगर नेवादा इलाके में बाढ़ का पानी घर में घुस गया है। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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गंगा और यमुना का जलस्तर नीचे जा रहा है। इससे कछारी इलाके के लोगों में राहत है। हालांकि पहाड़ों पर बारिश जारी है। ऐसे में बाढ़ का खतरा अभी बना हुआ है। अब भी हजारों परिवार बाढ़ में फंसे हैं। स्थिति यह है कि जलस्तर नीचे जाने के बावजूद बाढ़ राहत शिविरों में प्रभावित परिवारों के पहुंचने का क्रम जारी है।

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गंगा का जलस्तर अब भी 84 मीटर के ऊपर है। सिंचाई विभाग की शनिवार दोपहर 12 बजे की बुलेटिन के अनुसार गंगा का जलस्तर प्रतिघंटे करीब चार सेमी की रफ्तार से नीचे जा रहा है। जलस्तर में कमी का क्रम बृहस्पतिवार रात में ही शुरू हो गया था। इसके बाद भी फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 84.10 मीटर दर्ज किया गया।

वहीं यमुना का जलस्तर करीब सात सेमी प्रतिघंटे की रफ्तार से नीचे जा रहा है। नैनी में यमुना का जलस्तर 83.60 मीटर दर्ज किया गया। इसके विपरीत टोंस नदी अब भी उफान पर है। इससे गंगा नदी पर दबाव बढ़ गया है।
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इसका नतीजा है कि संगम के बाद जल तेजी से नहीं निकल पा रहा है। इसका अनुमान इससे ही लगाया जा सकता है कि छतनाग में गंगा के जलस्तर में प्रतिघंटे 1.50 सेमी की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा पहाड़ों पर बारिश का सिलसिला जारी है। ऐसे में अभी भी खतरा बने होने की बात कही जा रही है।

जलस्तर घटा लेकिन शिविरों में बढ़े पीड़ित

गंगा और यमुना का जलस्तर कम हो रहा है। हालांकि शुक्रवार को शिविरों में बाढ़ प्रभावित लोगों की संख्या कम होने के बजाय बढ़ गई। बृहस्पतिवार को खुले छह शिविरों में 668 परिवारों के 2605 लोग थे। वहीं शुक्रवार को 696 परिवारों के 2725 लोग हो गए। मम्फोर्डगंज स्थित सेंट जोसेफ स्कूल में बाढ़ पीड़ित परिवारों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है।

प्रभावित मोहल्ले और गांव

सदर तहसील के अंतर्गत कछार मऊ, मऊ सरैया, राजापुर देह माफी, बघाड़ा, नेवादा, बेली कछार, बेली उपरहार, मेहंदौरी, सलोरी, शिवकुटी, म्योराबाद, दारागंज की बस्तियों में बाढ़ का पानी भरा है। फूलपुर में सोनौटी, बदरा, लीलापुर, धोकरी, करछना में देहली, भगेसर, सोरांव में फाफामऊ, गंगानगर और मेजा के अमिलिया व झरियारी गांव बाढ़ से प्रभावित हैं।
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कंट्रोल रूम नंबर

0532-2641577, 0532-2641578, 0532-2641597, 0532-2641598, 1077

पानी निकलने के साथ सफाई बनी चुनौती

नदियों का जलस्तर नीचे जाने के साथ सफाई की चुनौती भी बढ़ गई है। कछारी इलाकों में बस्तियों से बाढ़ का पानी भी निकलने लगा है लेकिन पीछे गंदगी छूटती जा रही है। इन इलाकों में कीचड़ होने के साथ कचरा भी सड़ रहा है। इससे बीमारियां फैलने का खतरा बन गया है। इसे देखते हुए नगर निगम की ओर से बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में तीन शिफ्ट में सफाई कराने की योजना बनाई गई है। इसकी शुरूआत भी हो गई है। इसके अलावा अस्थायी तौर पर 200 से अधिक कर्मचारियों की भर्ती भी की जाएगी। अपर नगर आयुक्त दीपेंद्र यादव का कहना है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में सफाई को लेकर विशेष अभियान चलाया जाएगा। जहां से पानी निकलने लगा है, वहां सफाई कराई जा रही है।
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