शहर के दो राहत केंद्रों पर 150 लोगों ने लिया शरण
ग्रामीण इलाकों में 95 बाढ़ राहत केंद्र स्थापित किए गए है। प्रशासन ने बाढ़ प्रभावितों के लिए शहर में दो राहत केंद्र शुरू किए हैं, जहां अब तक करीब 150 लोगों ने शरण ली है। इसमें कर्नलगंज स्थित एनी बेसेंट बाढ़ राहत शिविर में करीब 135 और कैंटोमेंट स्थित एक मैरेज हॉल के शिविर में 15 लोगों ने शरण लिया है।
बाढ़ प्रभावित गांवों का ब्यौरा
प्रशासन का कहना है कि तहसील करछना के दो गांव भगेंसर, हथसरा, तहसील फूलपुर के तीन गांव ढ़ोकरी उपरहार, बदरा सोनौटी प्रभावित हैं। तहसील मेजा के 12 गांव प्रभावित हैं। महेवा , डेगूरपुर, सोनाई कला , चिलबिला, चरपतला, बकसंड़ी, सिरोखर, तितरी, हड़िया, सिधौली कला, छरियारी, इसौटा तहसील सदर क्षेत्र के दस गांव प्रभावित हैं। इसमें कछार मऊ, सरैया, राजापुर, देवमाफी, असदुल्लापुर, मोहम्मदाबाद ,
बख्तियारा, म्यौराबाद, नकौली, नेवादा आदि प्रमुख हैं। वैसे करीब 150 गांव बाढ़ से प्रभावित बताएं जाते हैं।
बाढ़ से जुड़ा आंकड़ा (अब तक)
- प्रभावित गांव : 50
- प्रशासनिक रूप से मान्य: 27
- डूबे मकान : 500+
- जलमग्न सड़कें: 18 ग्रामीण इलाके
- राहत केंद्र : 95 (2 शहरी, 93 ग्रामीण)
- शरणार्थी : 150
- नावें लगाई गई : 15
- सक्रिय बाढ़ चौकियां : 88