जिला पंचायत के गठन के साथ ग्रामीण क्षेत्रों के विकास की शुरुआत हो चुकी है। साथ में राजस्व बढ़ाने पर भी जोर है। इसी क्रम में बालू, गिट्टी खनन की ढुलाई पर टैक्स लिए जाने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए एजेंसी का चयन किया जाएगा। एजेंसी के चयन के लिए भी टेंडर निकाला जा चुका है।
अध्यक्ष की कुर्सी खाली रहने तथा विवाद की वजह से जिला पंचायत के कई काम लंबे समय से ठप थे। हालांकि अब जिला पंचायत का गठन हो चुका है। पहली बैठक में बजट के साथ कई सडक़ों के निर्माण के प्रस्तावों को मंजूरी दी जा चुकी है। अब राजस्व बढ़ाने पर जोर है। बालू, मोरंग, गिट्टी आदि के परिवहन पर शुल्क लिया जाएगा। हर तहसील के लिए अलग-अलग शुल्क निर्धारित किया गया है, जो 31 मार्च तक लागू रहेगा। एजेंसी के चयन के लिए टेडर निकाले जाने के साथ शुल्क वसूली की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। ब्यूरो