न्यायालय के आदेश पर जिला पंचायत अध्यक्ष रेखा सिंह के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर बृहस्पतिवार को पुनर्मतदान होगा। रेखा सिंह के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव केशरी देवी की अगुवाई में लाया गया था। हालांकि अब केशरी देवी भाजपा से सांसद हैं तो रेखा सिंह भी उसी पार्टी में हैं। रेखा सिंह का कार्यकाल अगले साल जनवरी में समाप्त हो रहा है, लेकिन इस चुनाव के नतीजे का असर यमुनापार के सियासी समीकरण में पड़ना तय है। इसलिए दोनों पक्ष के नेता अपने स्तर पर सक्रिय हैं। इससे पार्टी के भीतर धड़ेबंदी भी शुरू हो गई है।
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खेमेबाजी के दूरगामी परिणाम को देखते हुए पुनर्मतदान से तीन दिन पूर्व सोमवार को वरिष्ठ नेता सक्रिय हुए। उप मुख्यमंत्री केशव मौर्य ने सर्किट हाउस में केशरी देवी और रेखा सिंह के साथ वार्ता की। बैठक में इनके साथ कई अन्य नेता भी मौजूद रहे। पार्टी सूत्र के अनुसार दोनों नेताओं के बीच सहमति बन गई है। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद ने भी दोनों नेताओं के साथ बैठक की फोटो ट्विटर पर डालकर यह संदेश दे दिया कि इनके बीच अब किसी तरह का गतिरोध नहीं है।
इस फोटो के जरिए उन्होंने जिला पंचायत सदस्यों तथा पार्टी के स्थानीय नेताओं को संकेत दे दिया है कि शीर्ष नेतृत्व की क्या मंशा है। हालांकि, दोनों पक्ष के नेता अंतिम समय तक कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। केशरी देवी के बेटे पूर्व विधायक दीपक पटेल का कहना है कि हम पार्टी के अनुशासित लोग हैं। पार्टी का जो निर्देश होगा उसका पालन किया जाएगा। रेखा सिंह के पति अशोक सिंह का भी यही कहना है कि शीर्ष नेतृत्व जैसा कहेगा उसका पालन किया जाएगा।