दिनभर चलता रहा शह-मात का खेल
वोटिंग के दौरान कचहरी परिसर में प्रत्याशियों और समर्थकों के बीच शह-मात का खेल चलता रहा। समर्थक अपने-अपने प्रत्याशी को जिताने के लिए मतदाताओं से संपर्क करते रहे। कोई अपने प्रत्याशी की जीत का दावा करता दिखा तो कुछ लोग किसी प्रत्याशी को जीतने से रोकने के लिए मतदाताओं को अपने पक्ष में करने की कोशिश करते नजर आए।
कोई व्हीलचेयर पर आया तो किसी को साथी ने दिया कंधा
मतदान के लिए अधिवक्ताओं का उत्साह ऐसा रहा कि शारीरिक परेशानी के बावजूद वे मतदान केंद्र पहुंचे। कोई अधिवक्ता व्हीलचेयर पर पहुंचा तो किसी अधिवक्ता साथी ने कंधे का सहारा देकर उसे मतदान स्थल तक पहुंचाया।
भीड़ बढ़ी तो क्रमांक और बूथ नंबर के आधार पर कराई वोटिंग
दोपहर बाद मतदान स्थल पर भीड़ बढ़ने लगी। इसे देखते हुए चुनाव अधिकारी और एल्डर कमेटी ने व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए क्रमांक संख्या और बूथ नंबर के आधार पर मतदान की अनुमति दी। इससे मतदाताओं को अपने निर्धारित बूथ तक पहुंचने में सुविधा हुई।
महिला अधिवक्ताओं ने भी मांगे वोट
जिला अधिवक्ता संघ के चुनाव में महिला अधिवक्ताओं भी सक्रिय नजर आईं। मतदान के दौरान महिला अधिवक्ताओं ने अपने पसंदीदा प्रत्याशियों के समर्थन में साथी अधिवक्ताओं से वोट देने की अपील की। कचहरी परिसर में वे मतदाताओं से संपर्क करती रहीं। मतदान केंद्र के आसपास चुनावी गतिविधियों में महिला अधिवक्ताओं की भी सक्रिय भागीदारी दिखी। ब्यूरो
प्रमुख पदों पर मैदान में उतरे प्रत्याशी
अध्यक्ष पद : उमाशंकर तिवारी, मनोज सिंह लोकेश, कौशलेश कुमार सिंह, कृष्ण चंद्र मिश्र बऊ, अरुण कुमार पांडेय और प्रेम नाथ केसरवानी।
मंत्री पद : ऋषि शंकर द्विवेदी, बृजेश कुमार ओझा, राम मणि शुक्ल, रत्नेश कुमार शुक्ल, आलोक शुक्ल, राहुल शुक्ल, श्यामधर मिश्र उर्फ चंदन, जितेंद्र सिंह उर्फ जीतू, कमलेश्वर प्रसाद तिवारी, अरुण प्रकाश उपाध्याय, ऋषि कुमार, विनय कुमार सिंह, ललित ओझा और शाद अली।