विज्ञान विश्वविद्यालय में कुलपति बनेंगे प्रोफेसर नागभूषण
प्रोफेसर नागभूषण ने बताया कि उन्हें तीन साल की अवधि के लिए विज्ञान विश्वविद्यालय में कुलपति के रूप में चुना गया है। अगले महीने फरवरी में वहां कार्यभार ग्रहण करना है, इसलिए शिक्षा मंत्रालय से 18 फरवरी, 2022 तक इस्तीफा स्वीकार करने का अनुरोध किया है ।
आईईईई पुरस्कार ट्रिपलआईटी परिवार को किया समर्पित
प्रोफेसर नागभूषण ने हाल में ही मिले आईईईई पुरस्कार को ट्रिपलआईटी परिवार को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि यह पुरस्कार टीम वर्क का नतीजा था, जिसने संस्थान में निरंतर मूल्यांकन नीति का सफल क्रियान्वयन किया। संसद द्वारा ट्रिपल आईटी को राष्ट्रीय महत्व का विशेष दर्जा प्राप्त करने से संस्थान के सर्वांगीण विकास के लिए कई रास्ते खुल गए हैं। उन्होंने ट्रिपलआईटी में पांच साल के सफ़र के अनुभवों को साझा किया।
बैठक का संचालन कार्यवाहक कुलसचिव प्रो. विजयश्री तिवारी ने किया। प्रो. यूएस तिवारी, प्रो. अनुपम अग्रवाल, प्रो. ओपी व्यास, प्रो. तपोब्रत लहरी, प्रो. शेखर वर्मा, प्रो. माधवेंद्र मिश्रा, प्रो. विजेंद्र सिंह, प्रो.नीतेश पुरोहित, प्रो. प्रीतिश भारद्वाज, प्रो.मनीष गोस्वामी, प्रो. रंजीत सिंह, डॉ विजय चौरसिया और कई अन्य ने उनके कार्यकाल में अपने अनुभव साझा किए। साथ ही प्रो. नागभूषण को कुलपति बनने पर बधाई दी।
प्रोफेसर नागभूषण का अब तक सफर
प्रोफेसर नागभूषण हिंदी, अंग्रेजी, कन्नड़ और तेलगू भाषा की जानकारी रखते हैं। 1983 में बिरला इस्टीट्यूट आफ टेक्नोलॉजी रांची से एमटेक की पढ़ाई की। इसके पश्चात एसजे इंजीनियरिंग कालेज मैसूर में प्रवक्ता बने और फिर डाक्टरेट की उपाधि हासिल की।
मैसूर विश्वविद्यालय में कंप्यूटर विज्ञान विभाग के प्रोफेसर पी नागभूषण ने कंप्यूटर विज्ञान के क्षेत्र में कई उपलब्धियां हासिल की । प्रोफेसर नागभूषण अब आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले में स्थित विज्ञान फाउंडेशन फार साइंस टेक्नोलॉजी एंड रिसर्च मानित विश्वविद्यालय के कुलपति का दायित्व संभालेंगे।
संस्थान को जल्द मिलेगा नया निदेशक
ट्रिपलआइटी के संस्थापक निदेशक प्रो. एमडी तिवारी के बाद कानपुर आईआईटी के प्रो. सोमनाथ विश्वास ने स्थायी निदेशक कार्यभार ग्रहण किया था लेकिन उन्होंने जुलाई 2016 में संस्थान के निदेशक पद से इस्तीफा दे दिया था।
ट्रिपलआइटी में नए निदेशक के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने नवंबर में ही विज्ञापन जारी किया था। इसकी अंतिम तिथि 14 दिसंबर थी। ऐसे में अब उम्मीद जताई जा रही है कि ट्रिपलआईटी को जल्द ही नया निदेशक मिल जाएगा, क्योंकि प्रोफेसर नागभूषण का इस्तीफा मंजूर होने के बाद कामकाज प्रभावित हो सकता है।