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प्रयागराज : संगम में पुण्य की प्रथम डुबकी, मकर संक्रांति पर माघ मेले का आगाज

Fri, 14 Jan 2022 09:18 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

कड़ाके की सर्दी में कोविड संक्रमण पर आस्था पड़ी भारी, सिर पर गठरी लेकर भक्ति की डगर पर निकले। भोर में चार बजे से ही स्नान दान का सिलसिला शुरू हो गया। धूप खिलने के साथ ही घाट पर भीड़ भी बढ़ती गई। शहर से लेकर संगम तक सुरक्षा व्यवस्था की चाक चौबंद व्यवस्था की गई है।
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Prayagraj News : शुक्रवार को संगम तट पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़। - फोटो : prayagraj
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विस्तार
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मकर संक्रांति पर शुक्रवार को आस्था पथ पर भक्ति के ज्वार में कोविड प्रोटोकाल ध्वस्त हो गया। भगवान सूर्य के उत्तरायण होने से पहले ही गंगा, यमुना और विलुप्त सरस्वती के संगम किनारे शुक्रवार को मकर संक्रांति के प्रथम स्नान पर्व पर डुबकी लगाने के लिए लोग उमड़ पड़े। त्रिवेणी में प्रथम डुबकी के साथ ही संतों-भक्तों के मास पर्यंत समागम का माघ मेला आरंभ हो गया।

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दोपहर 1:30 बजे तक बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने संगम में स्नान किया। ठिठुरती भोर में कोरोना संक्रमण के खौफ को पीछे छोड़कर संगम में स्नान का सिलसिला भोर में ही आरंभ हो गया। पड़ोसी राज्य के अलावा पूर्वांचल के गांवों, कस्बों से कोरोना संक्रमण की परवाह किए बिना पहुंचे श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी की पावन धारा में गोता लगाना शुरू कर दिया।

एक पर एक चढ़ते, धकियाते हुए लोगों ने अमृतमयी संगम की धारा में गोता लगाकर तन-मन को धन्य किया। देर शाम तक लाखों की तादाद में श्रद्धालुओं ने डुबकी लगाई। संगम के साथ ही पांच सेक्टर में बसे माघ मेले में छह घाटों पर स्नान का उत्सव छाया रहा। ओल्डजीटी, गंगोली शिवाला के अलावा त्रिवेणी मार्ग से लगे रामघाट पर भी संगम के रूप में पुण्य की डुबकी लगाई गई।
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त्रिवेणी, काली सड़क और लाल सड़क से लोग कतारबद्ध होकर झोला, गठरी लेकर संगम की ओर बढ़ते रहे। कोई बुजुर्ग माता -पिता को स्नान कराकर पुण्य बटोरने निकला तो कोई पत्नी-बच्चों को लेकर। भीड़ में बिछुड़ने की चिंता की वजह से एक-दूसरे का हाथ थाम कर भी लोग चलते रहे, ताकि साथ न छूटने पाए।

पौ फटने के साथ महावीर पांटून पुल से लेकर अकबर के किला स्थितत वीआईपी घाट तक एक किमी लंबे घाट के सामन बनी सर्क्युलेटिंग एरिया में कहीं भी खड़ा होने की जगह नहीं बची। किसी के कपड़े खोते रहे तो किसी का झोला। लोग डुबकी लगाते, बिछड़ते और उसी घाट पर मिलते भी रहे। मकर संक्रांति के स्नान के साथ ही अन्न, वस्त्र और खिचड़ी का भी दान संतों-भक्तों ने खूब किया।

Prayagraj News : मकर संक्रांति पर गंगा स्नान के बाद दीपदान करतीं महिलाएं। - फोटो : prayagraj
12 घाटों पर लगी पुण्य की डुबकी
माघ मेले में 5000 से अधिक सुरक्षा बलों की माघ मेला में तैनाती की गई है। 100 सीसीटीवी कैमरों से मेला क्षेत्र की निगरानी की जा रही है। मेला क्षेत्र में आठ स्थानों पर वाहनों की पार्किंग, पांच पांटून पुलों से मेला क्षेत्र में प्रवेश हो रहा है।

संगम पर कोविड प्रोटोकॉल में लगी पुण्य की डुबकी, मेला प्रशासन का दावा
कोविड प्रोटोकॉल के बीच शुक्रवार को प्रथम स्नान पर्व की डुबकी लगाई गई। यह दावा मेला प्रशासन ने किया। जबकि, स्नान घाटों पर स्थिति ठीक इसके उलट रही। न किसी के चेहरे पर मास्क रहा ना ही कहीं सैनिटइजेशन की व्यवस्था। लोग धक्का-मुक्की करते संगम पर पहुंचते रहे। हालांकि हर सेक्टर में बने कोविड-19 जांच केंद्रों पर श्रद्धालुओं की जांच कराई जाती रही। स्वास्थ्य कर्मियों की सर्वे टीम ने दिन भर सेक्टरवाइज अभियान चलाया। लाउडस्पीकर से लोगों मास्क लगाकर मेले में चलने और लगातार हाथ सैनिटाइज करने के लिए प्रेरित किया जाता रहा। शिविरों में संतों-कल्पवासियों को कोरोना निगेटिव का प्रमाण पत्र भी दिया जाता रहा।

Prayagraj News : माघ मेला। - फोटो : प्रयागराज
देर रात तक उतरते रहे कल्पवासियों के सामान
बृहस्पतिवार को दिन भर पांटून पुलों से कल्पवासियों के वाहन फूस, अलाव की लकड़ी और गृहस्थी के सामानों के साथ उतरते रहे। देर रात कर संतों, तीर्थपुरोहितों के शिविरों में हजारों कल्पवासियों ने डेरा डाल दिया था।  मकर संक्रांति पर मेला क्षेत्र में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने के साथ ही मेला प्रशासन ने तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है।

संगम से लेकर ओल्ड जीटी रोड के बीच गंगा के दोनों तटों पर 12 स्नान घाटों पर मकर संक्रांति पर्व पर स्नान होगा। वाहनों के लिए आठ पार्किंग स्थल बनाए गए हैं, ताकि मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं की आवाजाही में किसी तरह का असर न पड़ सके। पांच सेक्टर में बसे इस मेले में 32 सौ आध्यात्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक महत्व की संस्थाओं के शिविर लगाए गए हैं।

Prayagraj News : माघ मेला। - फोटो : प्रयागराज
16 प्रवेश द्वारों पर थर्मल स्क्रीनिंग, 12 सर्विलांस टीमें तैनात
मेला प्रशासन ने कोविड प्रोटोकॉल के बीच स्नान की तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है। मेले के सभी 16 प्रवेश द्वारों और पार्किंग स्थलों पर थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा प्रत्येक सेक्टर में 12 सर्विलांस टीमें तैनात की गई हैं, जो मेले में आने वाले श्रद्धालुओं कल्पवासियों की आरटीपीसीआर जांच करेंगी।   इसके अलावा कोविड-19 के टीकाकरण और सैंपलिंग के लिए भी छह-छह केंद्र बनाए गए हैं।

Prayagraj News : माघ मेले में महिलाओं के लिए बनाए गए चेंजिंग रूम। - फोटो : प्रयागराज
घाट बने, चेंजिंग रूम भी तैयार
प्रयागराज। माघ मेले में संतों-भक्तों की सुगम डुबकी के लिए स्नान घाटों को अंतिम रूप दे दिया गया है। इन घाटों पर संत, भक्त और कल्पवासी पुण्य की डुबकी लगाएंगे। इसके अलावा महिला श्रद्धालुओं के कपड़े बदलने के लिए चेंजिंग रूम भी बनाए गए हैं। भक्तों की मदद के लिए भी घाटों पर टीमें तैनात रहेंगी।

-12 स्नान घाटों पर मकर संक्रांति पर लगेगी पुण्य की डुबकी
-1390 सामुदायिक शौचालय माघ मेले में स्वच्छता और सफाई के लिए लगाए गए
-12 स्वास्थ्य शिविर और 10 प्राथमिक उपचार केंद्र स्थापित किए गए
-05 सेक्टरों में बसाया गया संगम की रेती पर आस्था का माघ मेला
-08 पार्किंग स्थल वाहनों के लिए बनाए गए
-11,500 स्टैंड पोस्ट पेयजल के लिए मेला क्षेत्र में स्थापित
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Prayagraj News : माघ मेले में सुरक्षा व्यवस्था में तैनात पुलिस। - फोटो : प्रयागराज
आज रात सूर्य होंगे उत्तरायण, मकर संक्रांति का पुण्यकाल कल
इस बार मकर संक्रांति शुक्रवार की रात 8:49 बजे लगेगी। इसी के साथ सूर्य उत्तरायण हो जाएंगे, लेकिन उदया तिथि की मान्यता की वजह से मकर संक्रांति का पुण्यकाल शनिवार को माना जाएगा। ऐसे में मकर संक्रांति का स्नान 15 जनवरी को होगा। 

मकर संक्रांति पर इस बार खास संयोग भी बन रहे हैं। ज्योतिषाचार्य पं. बृजेंद्र मिश्र के मुताबिक उदया तिथि में 15 जनवरी को मकर संक्रांति की मान्यता होगी। शनिवार को सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक मकर संक्रांति के स्नान पर्व का पुण्यकाल रहेगा।

इस दिन शनि प्रदोष का संयोग मकर संक्रांति पर सोने पर सुहागा के रूप में देखा जा रहा है। शनि प्रदोष में तिल का दान और हवन करने से पुण्य की प्राप्ति का योग है। इस तिथि पर मृगशिरा नक्षत्र में चंद्रमा उच्च की कक्षा में विराजमान रहेंगे। इसी दौरान सूर्य धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करेंगे।
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