शादी टूटने से दुखी युवती के मंगेतर के घर पर जहर खाकर खुदकुशी करने के मामले में आरोपी दरोगा के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी। इसके लिए एसपी फतेहपुर को भी पत्र लिखा गया है। पुलिस ने आरोपी दरोगा, उसके भाई समेत चार के खिलाफ केस दर्ज किया है। उधर, आरोपी दरोगा परिवार समेत फरार हो गया है। उसके घर के मुख्य गेट पर ताला लटका हुआ है।
थाना क्षेत्र के लीलापुर रोड स्थित देवनगर कालोनी में रहने वाले दरोगा कालका प्रताप सिंह की शादी मऊ की रहने वाली प्रिंशु सिंह से तय हुई थी। प्रिंशु मां गीता देवी और छोटी बहन गुनगुन के साथ भोपाल जिले में रहती थी। भोपाल से पत्रकारिता की पढ़ाई कर रही थी। प्रिंशु की दोस्ती तकरीबन तीन साल पहले 2016 में सोशल मीडिया फेसबुक के जरिए मुंगराबादशाहपुर जौनपुर के गरियांव गांव निवासी दरोगा कालका प्रताप सिंह पुत्र तेज प्रताप सिंह से हुई थी। दरोगा कालका झूंसी में बड़े भाई विश्वनाथ प्रताप के साथ मकान बनाकर रहता है।
16 नवंबर 2018 को युवती के परिजन दरोगा के झूंसी स्थित घर पर आए। यहां विवाह की तारीख तय हुई। सात मई 2019 को तिलक और 15 मई को विवाह की तारीख तय की गई थी। इसी बीच 30 अप्रैल को अचानक दरोगा कालका ने फोन पर शादी करने से इंकार कर दिया। परेशान युवती प्रिंशु अपने परिजनों के साथ दो मई को मऊ से दरोगा कालका के झूंसी के देवनगर कालोनी स्थित घर पहुंची। यहां पर दरोगा ने सामने से शादी के लिए मना किया तो उसने सबके सामने जहरीला पदार्थ निगल लिया।
बाद में अस्पताल में उसकी मौत हो गई। प्रिंशु के पिता की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी दरोगा कालका प्रताप के खिलाफ केस दर्ज किया था। युवती के सुसाइड नोट के आधार पर पुलिस ने दरोगा के खिलाफ दुराचार और अन्य धारा तथा उसके बड़े भाई विश्वनाथ प्रताप सिंह, चचेरे भाई जेपी सिंह और चाचा अरविंद सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया। उधर, दरोगा और उसके परिजन मकान पर ताला बंदकर फरार हो गए हैं। अब आरोपी दरोगा कालका के खिलाफ विभागीय कार्रवाई किए जाने की तैयारी है। एडिशनल एसपी धवल जायसवाल ने बताया कि दरोगा के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा रही है। एसएसपी के जरिए फतेहपुर एसपी को पत्र लिखा गया है।