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प्रयागराज में बोले गडकरी, यमुना में जल्द शुरू होगी प्रयागराज-दिल्ली जल परिवहन सेवा

Sat, 09 Feb 2019 01:37 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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water transport - फोटो : prayagraj
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गंगा की तर्ज पर यमुना में भी जल परिवहन की जल्द ही शुरूआत होगी। आने वाले समय में लोग प्रयागराज से दिल्ली की यात्रा जलमार्ग से कर सकेंगे। आगरा से दिल्ली तक जल परिवहन सेवा की योजना को प्रयागराज तक विस्तार देने पर सहमति बन गई है। प्रयागराज से दिल्ली तक जल परिवहन का डीपीआर तैयार कर लिया गया है। यह जानकारी शुक्रवार को केंद्रीय सड़क परिवहन, जहाजरानी, जलमार्ग, नदी विकास एवं गंगा पुनरुद्धार मंत्री नितिन गडकरी ने किला घाट पर दी।
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कुंभ में पहुंचे गडकरी ने संगम में डुबकी लगाने के बाद अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण की ओर से तैयार चार रीवर पोर्ट जनता को समर्पित किए। यहां उन्होंने बताया कि अंतर्देशीय जल मार्ग प्राधिकरण की तरफ से 5500 करोड़ की लागत से तैयार परियोजना के तहत रीवर फ्रंट के कार्य कराए जाने हैं। वाराणसी से हल्दिया और हल्दिया से फरक्का तक रीवर फ्रंट का विस्तार किया जाएगा। कहा कि प्रयाग से वाराणसी फिर हल्दिया से आगे बांग्लादेश और म्यांमार तक जलमार्ग बनाए जाने की प्रक्रिया चल रही है।

उत्साह से भरे केंद्रीय मंत्री गडकरी ने कहा कि जलपरिवहन की यह शुरुआत सुगम और सस्ते यातायात की दिशा में बड़ी उपलब्धि होगी। बताया कि गंगा के साथ ही यमुना में भी जल परिवहन सेवा की शुरुआत करने की तैयारी है। पहले आगरा से दिल्ली के बीच जल परिवहन सेवा चालू कराने की योजना थी लेकिन अब इसे प्रयागराज तक बढ़ाया जा रहा है। डीपीआर भी तैयार कहर लिया गया है। आने वाले समय में लोग प्रयागराज से दिल्ली जलमार्ग से यात्रा कर सकेंगे। इससे सड़कों पर यातायात का दबाव कम होगा और लोग सुरक्षित यात्रा कर सकेंगे।
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केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने प्रयागराज-वाराणसी-हल्दिया जल मार्ग सेवा का श्रेय डिप्टी सीएम केशव प्रयाद मौर्य को दिया। उन्होंने बताया कि इस जल परिवहन सेवा की शुरूआत सिर्फ वाराणसी-हल्दिया के ही बीच होनी थी लेकिन, डिप्टी सीएम के आग्रह पर इसे प्रयागराज तक जोड़ा गया।

गडकरी ने शुक्रवार को रीवर पोर्ट के लोकार्पण के बाद गंगा-यमुना में विलुप्त हो रहीं मछलियों की प्रजातियों के बीज छोड़े। इसमें विलुप्त हो रही कटला, रोहू और नैन मछलियां शामिल हैं। इन प्रजातियों के 10 हजार से अधिक बीच छोड़े गए। मंत्री ने बताया कि हिल्सा प्रजाति की मछली गंगा से विलुप्त हो गई थी। अब इस मछली के भी स्थानांतरण और प्रजनन की रूपरेखा तैयार कर ली गई है। इन मछलियों के प्रजनन से गंगा में प्रदूषण में कमी आने की उम्मीद है।
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