जिंदगी को अलविदा कह चुकीं करेली निवासी महिला ने कोरोना को तो हरा दिया लेकिन, जिंदगी की जंग से हार गईं। बुधवार को कोविड रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद उन्हें शूगर, बीपी, थायराइड आदि के इलाज के लिए एसआरएन के मेडिसिन वार्ड में शिफ्ट किया गया था, जहां उनकी मौत हो गई। महिला के घर का एक सदस्य अभी कोविड पॉजिटिव है और अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती है।
वह 30 मई से कोरोना वार्ड में भर्ती थीं, लेकिन संक्रमण का सोर्स पता नहीं चला, न ही कोई ट्रैवेल हिस्ट्री ही सामने आई। दरअसल 30 मई को करेली इलाके में एक साथ कोरोना संक्रमण के दो मामले आए थे। इनमें एक महिला भी शामिल थीं।
एसआरएन में कोरोना के नोडल अधिकारी डॉ.सुजीत के मुताबिक 22 मई को तो उक्त महिला अस्पताल के मेडिसिन वार्ड में भर्ती थी। उन्हें डायबिटिक और हाइपर टेंशन की शिकायत थी। लेकिन, इलाज के बाद आईसीयू से डिस्चार्ज होकर वह महिला घर पहुंच गई थीं। लेकिन गंभीर हालत में परिजन उन्हें 30 मई को फिर एसआरएन अस्पताल लाए। उन्हें बुखार और सांस लेने में दिक्कत थी।
डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद महिला को कोरोना संदिग्ध वार्ड में भर्ती कर लिया। उनका स्वाब नमूना जांच के लिए भेजा गया। रिपोर्ट पॉजिटिव आई तो उन्हें आइसोलेशन वार्ड में
शिफ्ट किया गया। इलाज के दौरान वह ठीक भी हुईं। दस जून को दोबारा जांच में उनकी कोविड रिपोर्ट निगेटिव आई पर शूगर लेवल बढ़ा था। बेहतर इलाज के लिए उन्हें मेडिसिन वार्ड में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों के मुताबिक देर रात महिला की हालत गंभीर हो गई। शूगर, बीपी के साथ मल्टी आर्गन फेल्योर हो गया। गंभीर हालत में बुधवार भोर में उन्होंने अंतिम सांस ली।
नोडल अधिकारी के मुताबिक चूंकि महिला कोविड पॉजिटिव नहीं थीं, इसलिए शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। जानकारी के मुताबिक बृहस्पतिवार को उन्हें सुपुर्दे खाक कर दिया गया।