साइबर ठगों ने वकील मुजीब अहमद सिद्दीकी और सीएमओ आफिस में एआरओ अखिलेश तिवारी को सवा सात लाख का चूना लगा दिया। दोनों ही मामलों में ओटीपी पूछकर ठगों ने बैंक खाते से रुपये उड़ा दिए। वकील ने साइबर क्राइम थाने और एआरओ ने दारागंज थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। दोनों ही मामलों की जांच शुरू कर दी गई है।
म्योराबाद के रहने वाले मुजीब अहमद सिद्दीकी के मोबाइल पर कुछ दिन पहले फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को बैंक कर्मी बताया और उनको बैंक की तमाम योजनाएं बनाकर उनसे ओटीपी पूछ लिया। इसके बाद उनके खाते से कई बार में छह लाख रुपये कट गए। उन्होंने तुरंत कस्टमर केयर को फोन कर सूचना दी। बाद में एक फरवरी को साइबर क्राइम थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
सीएमओ आफिस में एआरओ अखिलेश तिवारी अलोपीबाग में रहते हैं। 31 जनवरी को वह अपने कार्यालय में थे। उसी समय किसी जालसाज ने फोन किया और कहा कि वह एसबीआई की एमएनएनआईटी शाखा से बोल रहा है। उनके खाते में केवाईसी नहीं जमा है। उसने धीरे-धीरे खाते और एटीएम की डीटेल्स ले ली।
उन्होंने ओटीपी भी बता दिया। इसके बाद अखिलेश को लगा कि कुछ गलती हो गई है। उन्होंने तुरंत बैंक मैनेजर से संपर्क कर पूरी बात बताई। खाता चेक किया गया। दो बार में उनके खाते से सवा लाख रुपये उड़ा दिए गए थे। अखिलेश ने दारागंज थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
- किसी भी बैंक से कभी ओटीपी या फिर खाता-एटीएम की डीटेल्स नहीं पूछी जाती। किसी को भी मोबाइल पर बैंक खाते या एटीएम की डीटेल्स नहीं बतानी चाहिए। जालसाज इन्हीं जानकारियों के आधार पर लोगों का पैसा गायब कर देते हैं। घटना होने पर जितनी जल्दी हो सके, पुलिस और बैंक को सूचना देनी चाहिए ताकि ट्रांजैक्शन रोका जा सके। -
राजीव तिवारी, प्रभारी, साइबर क्राइम थाना