आशीष तिवारी हत्याकांड के आरोपी पुलिस के हत्थेे चढे़। अमर उजाला।
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नैनी के सच्चा बाबा नगर अरैल में हुए आशीष हत्याकांड के तीनों अभियुक्तों को पुलिस ने बृहस्पतिवार को गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से दो डीबीबीएल गन और कारतूस बरामद किए गए हैं। तीनों ने जुर्म कुबूल करते हुए बताया कि आशीष से यजमानी के पैसों को लेकर प्रतिद्वंद्विता और विवाद चला आ रहा था। इसी कारण उसे गोली मारी गई थी। तीनों को जेल भेज दिया गया।
सच्चा बाबा नगर, अरैल में यजमानी के विवाद में बीते मंगलवार को तीर्थ पुरोहित आशीष तिवारी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पट्टीदार और पड़ोसी हनुमान तिवारी, शिव प्रसाद तिवारी और रिश्तेदार राजा बाबू मिश्रा को नामजद किया गया था। बुधवार तक जब तीनों नहीं पकड़े गए तो उन पर पुलिस ने 25-25 हजार का इनाम घोषित कर दिया था।
बृहस्पतिवार को हनुमान तिवारी, शिव प्रसाद तिवारी और राजा बाबू को अरैल से ही गिरफ्तार कर लिया गया। उनके पास से दो डीबीबीएल गन और कारतूस बरामद किए गए। पूछताछ के बाद पता चला कि तीनों ही महापात्र का काम करते थे। आशीष भी महापात्र का काम करता था। बाहर से आए यजमानों को लेकर उनमें अक्सर विवाद होता था। दक्षिणा को लेकर भी अक्सर मारपीट तक हो जाती थी।
चार महीने पहले पंचायत हुई थी, जिसमें दिन के हिसाब के यजमानों और दक्षिणा का बंटवारा किया गया था लेकिन पिछले रविवार को समझौता टूट गया। जेल रोड के पास एक यजमान को शैयादान दान करना था। आशीष को दान लेना था लेकिन हनुमान तिवारी के बहनोई राजा मिश्रा ने दबंगई से दक्षिणा ले ली थी।
विवाद उसी दिन से शुरू हुआ। मंगलवार को हनुमान, शिव तिवारी और राजा ने डीबीबीएल गन से आशीष की हत्या कर दी। घटना में उसके दो भाइयों को भी गोली लग गई थी। आरोपियों ने पुलिस से गुनाह कुबूल कर लिया है। उन्हें बृहस्पतिवार को ही जेल भेज दिया गया। दोनों बंदूकों को जब्त कर लिया गया है।
अरैल में हुए आशीष हत्याकांड में तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्हें जेल भेजा जा रहा है। दक्षिणा को लेकर उनमें विवाद हुआ था। इसी कारण हत्या की गई। शैलेष पांडेय, एसएसपी