आरोप है कि दबंगों द्वारा रविवार को बच्चा लाल के घर के सामने की जमीन पर जबरन कब्जा किया जाने लगा। यह देख जब भुक्तभोगी बच्चा लाल व उसके परिजन विरोध करने लगे तो उक्त दबंग किस्म के तकरीबन आधा दर्जन लोगों ने लाठी-डंडे तमंचा से लैस होकर हमला बोल दिया। जिसके चलते बच्चा लाल यादव की पत्नी प्रेमलता 40 वर्ष (मूक-बधिर) सुनीता देवी, दीपक यादव, राम पुकार, सुभाष चंद्र समेत आधा दर्जन लोगों की बेरहमी से पिटाई कर लहूलुहान कर दिया।
जिससे प्रेमलता को गंभीर चोटे आने के कारण डॉक्टर ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया जहां ले जाते समय प्रेमलता की रास्ते में मौत हो गई।मामले को लेकर भुक्तभोगी मृतका का पति बच्चा लाल ने सोरांव थाने में राम अवतार, अंकित समेत करीब आधा दर्जन लोगों के खिलाफ तहरीर देते हुए विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया। शव को पुलिस ने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। उधर प्रेमलता की मौत की सूचना सुन परिजनों में कोहराम मच गया।
पुलिस त्वरित कार्रवाई की होती तो शायद बच जाती प्रेमलता की जान
तवकलपुर खरगापुर गांव में जमीनी विवाद का मामला दो दिन पहले जब स्थानीय पुलिस के संज्ञान में आया था। तब बलपूर्वक जमीन कब्जा कर रहे दबंगों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई पुलिस अगर की होती तो रविवार सुबह न ही विवाद होता, और न ही प्रेमलता की जान जाती। इस तरह पुलिस की कार्यशैली को लेकर तवकलपुर खरगापुर गांव ही नहीं बल्कि आसपास गांव के लोगों में चर्चा का विषय बना रहा।