उसी समय छोटे भाई रमेशचंद्र पटेल ने ईंट उतरवाने का विरोध किया। न मानने पर विवाद बढ़ गया और इसी दौरान आरोपी रामबहादुर पटेल अपनी एक नाली लाइसेंसी बंदूक घर से निकालकर गाली देने लगा। बात बढ़ी तो उसने बड़े भाई रमेश चन्द्र पटेल पर दो फायर झोंक दिए।
पहली गोली रमेश चंद्र के सीने में लगी और दूसरी गोली सिर में लगी जिससे उसका भेजा उड़ गया और उसकी मौत हो गई। राऊरदीन पटेल के चार पुत्रों में राम बहादुर, पारसनाथ पटेल, रामानंद पटेल और रमेशचंद्र पटेल हैं जिनमें पारसनाथ पटेल व रामानंद पटेल गांव छोड़कर कई वर्षो पहले दूसरी जगह जाकर बस गए थे।
बड़ा लड़का राम बहादुर पटेल और छोटा लड़का रमेशचंद्र पटेल गांव में ही पैतृक मकान में रहते हैं। आरोपी रामबहादुर पटेल का दूसरा मकान गौहनिया में है। वह अपने लड़के विजय सिंह के साथ एक महीने पहले अपने गांव पथरहिया आया था। उसी समय जमीन के विवाद को लेकर कई बार कहासुनी भी हुई थी। मृतक रमेशचंद्र की पत्नी सरोजा देवी व तीन लड़के गजराज, अमित और अंकित का रो-रोकर बुरा हाल रहा।
मृतक के पुत्र गजराज ने करछना थाने में चार लोगों राम बहादुर पटेल, विजय सिंह पटेल, ओम भाई पटेल और कनक पटेल के खिलाफ नामजद हत्या की तहरीर दी है। घटना के बाद मौके पर सीओ करछना आशुतोष तिवारी, इंस्पेक्टर सुनील बाजपेई मयफोर्स पहुंचे और आरोपियों को हत्या में प्रयुक्त बंदूक सहित पकड़ लिया।
पुलिस ने मृतक के शव को पोस्टमार्टम से लिए भेज दिया। घटना के बावत सीओ आशुतोष तिवारी ने बताया कि जमीनी विवाद को लेकर हत्या नहीं हुई है। हत्या में शामिल चार लोगो को नामजद किया गया है। मौके से राम बहादुर पटेल को गिरफ्तार किया गया है। बचे तीन लोगों की पुलिस जल्द ही गिरफ्तार कर लेगी।