उसके साथ उसके 72 वर्षीय पिता, उसकी 45 वर्षीय पत्नी और 18 वर्ष का बेटा भी साथ लौटा था। ये सब भी घर में ही क़वारंटीन थे। 52 वर्षीय व्यक्ति की तबीयत खराब हुई तो 23 मई को वह बालसन चौराहे पर स्थित एक निजी नर्सिंग होम में दिखाने गया था। वहां स्क्रीनिंग करने के बाद डॉक्टर ने जांच कराने की सलाह दी। उसका स्वाब सैंपल एक निजी पैथोलॉजी में भेजा गया था। जांच के बाद निजी पैथोलॉजी ने 52 वर्षिय व्यक्ति में कोरोना की पुष्टि की।
इसकी जानकारी निजी अस्पताल ने स्वास्थ्य विभाग को दी। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उसे पहले कोटवा बनी स्थित कोविड-19 लेवल वन हॉस्पिटल में भर्ती कराया। वहां उसे सांस लेने में दिक्कत हुई। इस पर उसे स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय रेफर कर दिया गया, वहां उसकी हालत अभी स्थिर बनी हुई है।
वह डायबिटिक मरीज है। व्यक्ति में कोरोना वायरस होने के बाद उसके पिता, पत्नी और बेटे को कालिंदीपुरम स्थित इंस्टीट्यूशनल सेंटर में क्वारंटीन कराया गया था। तीनों का स्वाब सैंपल लेकर जांच के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा गया था। शुक्रवार को मेडिकल कॉलेज ने तीनों में कोरोना वायरस होने की पुष्टि की गई। इसके बाद तीनों को कालिंदीपुरम इंस्टीट्यूशनल क़वारंटीन सेंटर से ले जाकर स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय में भर्ती करा दिया गया।
144 प्रवासियों के भेजे नमूने
स्वास्थ्य विभाग की ओर से बृहस्पतिवार को 144 प्रवासियों के नमूने कोरोना जांच के लिए भेजे गए। कोरोना के नोडल इंचार्ज डॉ. ऋषि सहाय ने बताया कि ये नमूने रामनगर, होलागढ़, मउआइमा में क्वारंटीन लोगों के लिए गए हैं। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम गई हुई थी। इन तीनों इलाकों से 100 नमूने लिए गए हैं। इसके अलावा 20 नमूने कालिंदीपुरम में जिले भर से क्वारंटीन किए गए लोगों के हैं। सभी नमूने मेडिकल कॉलेज जांच को भेज दिए गए हैं।