कोरोना से रविवार को चार लोगों की मौत हो गई, जबकि 304 नए संक्रमित मिले। 60 लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। इसके अलावा 218 लोगों का होम आइसोलेशन पूरा हो गया। कोरोना के नोडल ऑफिसर डॉ. ऋषि सहाय ने इसकी पुष्टि की।
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सीएमओ मेजर डॉ. जीएस बाजपेई ने बताया कि रविवार को 304 नए संक्रमित मिलने से जिले में कोरोना के कुल मरीजों की संख्या 9366 पहुंच गई है। इसमें अब तक 3419 लोगों को अस्पताल से छुट्टी दी जा चुकी है और 3423 लोगों का होम आइसोलेशन पूरा हो गया है। जनपद में अब 2372 एक्टिव केस हैं। 1965 लोग होम आइसोलेशन में हैं।
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इसके अलावा कोटवा-बनी में 15, रेलवे में 57, कालिंदीपुरम में 77, यूनानी में 34, दो निजी चिकित्सालयों में 75, एसआरएन में 130 मरीज भर्ती हैं। रविवार को 2076 संदिग्ध लोगों की कोविड जांच के लिए स्वाब सैंपल लिया गया है, जबकि 3311 लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आई है। छुट्टी पाने वालों में एसआरएन चिकित्सालय से 15, कोटवा-बनी से सात, कालिंदीपुरम से 11, रेलवे से नौ, यूनानी से पांच, बेली से नौ, दो निजी अस्पताल से चार लोग शामिल हैं।
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कोविड मरीजों से मिले डीएम, पूछीं परेशानियां
डीएम भानु चंद्र गोस्वामी ने रविवार को स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय पहुंचकर कोविड मरीजों से मिले और उनकी परेशानी पूछी। इसके पहले मेडिकल कॉलेज में बैठक कर आवश्यक निर्देश दिए। डीएम वहां पिछले दिनों कोरोना से हुई मौतों के मामले में हुई शिकायतों की जानकारी लेने गए थे। उनके साथ विश्व स्वास्थ्य संगठन के प्रयागराज के प्रभारी चिकित्सक भी मौजूद थे।
डब्ल्यूएचओ को कोरोना से मरने वालों के बारे में कई तरह की शिकायतें मिली हुईं थीं। उसी शिकायतों से संबंधित जांच करने के लिए डीएम गए हुए थे। वे पीपीई किट पहनकर ट्रायज वार्ड नंबर दो, आईसीयू वार्ड सात और आठ, सेमी आईसीयू 14 और वार्ड नंबर नौ में गए। उन्होंने मरीजों की चादरें को निरंतर बदलते रहने, सफाई व्यवस्थ दुरुस्त रखने, मानक के अनुसार खाना एवं दवाइयां उपलब्ध कराने को कहा।
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इसके पहले उन्होंने मेडिकल कॉलेज के सभागार में बैठक की। मृत्यु से संबंधित सभी व्यक्तियों के बारे में जानकारी ली। गंभीर प्रकृति के मरीजों के उपचार में सावधानी व सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने भर्ती मरीजों की स्थिति उनके परिजनों को बताने को कहा। इसके लिए अलग कर्मचारी तैनात किए जाने का भी निर्देश दिया।
उन्होंने कोविड संदिग्ध मरीजों में गंभीर और सामान्य को अलग-अलग रखने, मरीजों को बेड तक खाना उपलब्ध कराने, ड्यूटीरत नर्सों को बेड आवंटित करने, जवाबदेही तय करने, वार्ड सात और आठ में लैंडलाइन और दो-दो मोबाइल फोन व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने और फोन काल रिसीव करने के लिए दो-दो कर्मचारियों की तैनाती करने का निर्देश दिया। इस मौके पर मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह, डब्ल्यूएचओ के डॉ. हामिद अंसारी, कोविड अधीक्षक डॉ. मोहित जैन, एसआईसी डॉ. एके श्रीवास्तव, उपप्रधानाचार्य डॉ. वीके पांडेय, उपअधीक्षक गौतम त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।