पति ने हॉस्पिटल के रवैये पर नाराजगी जताई। उन्हें कोरोना पॉजिटिव की जानकारी पहले नहीं दी गई। वह अपने घर आते-जाते थे। उनके संपर्क में उनके दो बच्चे और परिवार के और सदस्य भी हैं। उधर, हॉस्पिटल के संचालक ने बताया कि शिशु को दिक्कत थी। इसीलिए ऑपरेशन किया जाना जरूरी हो गया। इस बीच स्वास्थ्य विभाग की टीम ने युवती के घर पहुंचकर उसके संपर्क में आने वाले लोगों को घर पर ही क्वारंटीन कर दिया है। युवती को एसआरएन शिफ्ट कराकर पति और शिशु को संदिग्ध वार्ड में रखा गया है। दोनों की कोरोना की जांच के नमूने लिए गए हैं।
उधर, यमुनापार की बारा तहसील में कोरोना के दो और करछना में एक नया केस सामने आया है। ये तीनों मुंबई रिटर्न हैं। बारा तहसील के लालापुर थाने के पंडुआ गांव के पांच दिन पहले कोरोना पॉजिटिव मृतक युवक की पत्नी भी पॉजिटिव पाई गई। पति की मौत के बाद उसे और उसके बच्चों को कालिंदीपुरम में क्वारंटीन किया गया था। वहीं करछना के अरई गांव की रहने वाली 40 वर्षीय महिला कोरोना संक्रमित पाई गई।
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वह अपने पति के साथ 17 मई को मुंबई से आई थी और कालिंदीपुरम में क्वारंटीन थी। जबकि, करछना निवासी एक व्यक्ति लंबे समय से मुंबई के मलाड में रह रहा था। वह वेब पोर्टल में काम करता है। उसे डायबिटीज है। यहां आने के बाद 23 मई को बालसन चौराहा स्थित हॉस्पिटल में दिखाने गया था। हॉस्पिटल के संचालक ने बताया कि हॉस्पिटल में उसकी स्क्त्रस्ीनिंग की गई और लक्षण नजर आने पर र्प्रावेट पैथोलॉजी में जांच कराई गई।
सोमवार को रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद उसे कोटवा-बनी एल-1 हॉस्पिटल भेजा गया जबकि परिवार के तीन अन्य लोगों को कालिंदीपुरम में क्वारंटीन कराया गया। नोडल इंचार्ज डॉ. ऋषि सहाय ने बताया कि सभी की कोरोना की जांच कराई जाएगी।