कोरोना के बढ़ते मामले और शहरी और ग्रामीण इलाकों में सामुदायिक प्रसार की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने मंगलवार को एक बड़ा अभियान चलाया। शहर के साथ ग्रामीण इलाकों में कोरोना की जांच के लिए सौ लोगों की कोरोना की जांच के लिए नमूने लिए। नमूने लेने के लिए स्वास्थ्य टीमें शहर के साथ सात सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गई हुई थीं। लिए गए नमूनों में पचास वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के नमूने ज्यादा हैं। इनमें से कुछ नमूने कालिंदीपुरम से भी लिए गए हैं। यहां जिले भर से लोगों को लाया गया था।
कालिंदीपुरम क्वारंटीन सेंटर के नोडल इंचार्ज डॉ. आनंद सिंह ने बताया कि कोलिंदीपुरम सेंटर से 25 नमूने लिए गए हैं जबकि बाकी नमूने शहर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और ग्रामीण क्षेत्रों के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर से लिए गए।
शहर में स्वास्थ्य टीमों ने दारागंज, टीबी अस्पताल के पीछे आबादी वाले इलाके से नमूने लिए हैं। यहां नमूने लेने के लिए स्वास्थ्य विभाग की दो टीमें गईं हुईं थीं। उधर, ग्रामीण क्षेत्रों में मांडा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्रतापपुर, फूलपुर, मेजा, रामनगर, कौंधियारा और शंकरगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर अलग-अलग टीमों ने जाकर नमूने लिए हैं।
जिले में पहली बार इतनी बड़ी संख्या में कोरोना की जांच के लिए नमूने लिए गए हैं। इसके पहले पौने तीन सौ तक नमूने एक दिन में लिए जा चुके हैं। कोरोना के नोडल इंचार्ज डॉ. ऋषि सहाय ने बताया कि हफ्ते भर से रोजाना ढाई सौ से अधिक नमूने कोरोना की जांच के लिए जिले भर से लिए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। 50 वर्ष से अधिक उम्र के सभी प्रवासियों के नमूने लिए जाएंगे।
डॉ0 ऋषि सहाय ने कहा कि जिले में अभी कोरोना का सामुदायिक प्रसार नहीं है लेकिन सामुदायिक प्रसार के मुहाने पर खड़ा है। अनलॉक होने से इसका खतरा और बढ़ गया है। इसे रोकने के लिए ज्यादा से ज्यादा जांच कराना और लोगोें द्वारा मास्क, सेनिटाइजर का इस्तेमाल करना और हाथ को साबुन से लगातार धुलते रहना जरूरी है। इसके अलावा एक मिनट की फिजीकल दूरी भी बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने कहा कि लोगों का सहयोग जरूरी है। बिना उसके कोरोना के खिलाफ जंग को नहीं जीता जा सकता है।