एसआरएन अस्पताल में खाली पड़े बेड।
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एसआरएन अस्पताल का मेडिसिन और कॉर्डियोलॉजी विभाग के एक-एक हिस्से को सील कर दिया गया है। इन दोनों वार्डों में भर्ती मरीजों को दूसरे ब्लॉक में शिफ्ट किया गया है। इन विभागों में काम करने वाले डॉक्टरों, नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ समेत 17 स्वास्थ्य कर्मियों को होम क्वारंटीन कराया गया है।
एसआरएन के मेडिसिन विभाग में दो दिन पहले भर्ती मरीज की कोविड जांच रिपोर्ट निगेटिव आई थी। उपचार के लिए उन्हें मेडिसिन से कॉर्डियोलॉजी विभाग में शिफ्ट किया गया था। हालत गंभीर होने पर मरीज को एसजीपीजीआई रेफर किया गया था। एजीपीजीआई में मरीज की दोबारा कोविड जांच की गई तो वह रिपोर्ट पॉजिटिव आई।
कोरोना के नोडल प्रभारी डॉ. सुजीत वर्मा के मुताबिक एसजीपीजीआई से मिली जानकारी के आधार पर दोनों वार्डों से मरीजों को दूसरे वार्ड में शिफ्ट किया गया है। दोनों विभागों के एक-एक ब्लॉक को सीज कर सैनिटाइजेशन कराया गया। उन्होंने बताया कि मरीज के संपर्क में आए डॉक्टरों, नर्सों और पैरामेडिकल स्टाफ को क्वारंटीन कराया गया है। वहीं अन्य मरीजों की स्क्रीनिंग की गई।
भटके मरीज और तीमारदार, संक्रमण का खौफ
एसआरएन अस्पताल के मेडिसिन और कॉर्डियोलॉजी विभाग को सीलकर सैनिटाइजेशन कराने की कार्रवाई मरीजों और तीमारदारों पर भारी पड़ रही है। दूसरे ब्लॉक के वार्डों में मरीजों की शिफ्टिंग के बाद उनके साथ तीमारदारों में कोरोना संक्रमण का खौफ तारी है।
स्क्रीनिंग के बाद भी उनका डर कम नहीं हो रहा है। प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह के मुताबिक एहतियातन शिफ्ट किए गए मरीज संक्रमित के संपर्क में नहीं आए। सभी संक्रमण के खतरे से बाहर हैं, स्क्रीनिंग कर सभी की जांच की गई है। विभागों के सील हिस्सों को सैनिटाइजेशन के बाद खोला जाएगा।