वायु प्रदूषण से शहर की हवा जहरीली हो गई है। प्रदूषण मानक के मुताबिक प्रयागराज गंभीर संकट के मुहाने पर खड़ा है। अब अगर जरूरी कदम नहीं उठाए गए तो यहां की हवा भी दिल्ली की तरह ही प्रदूषित होने में देर नहीं लगेगी। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट के आंकड़ों के साथ जंक्शन पर वायु प्रदूषण मापन के बोर्ड पर दर्शाई गई प्रदूषण की स्थिति चौंकाने वाली है। यहां सर्वाधिक प्रदूषित इलाके कटरा और अलोपीबाग हैं, वहीं औसतन पीएम (पार्टिक्यूलेट मैटर) 250 के आसपास है।
शहर में एनसीआर के स्मॉग का असर तो नहीं है, फिर भी वायु गुणवत्ता सूचकांक मानक से करीब डेढ़ सौ गुना ज्यादा करीब 250 है। विशेषज्ञों की नजर में यह स्थिति खराब है। वायु प्रदूषण दिवाली से काफी कम है, लेकिन इसका बढ़ता स्तर स्वास्थ्य के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। रविवार को कुछ इलाकों में हुई बूंदाबांदी से हवा में तैरते कण नीचे हो गए। कुछ लोगों ने बेचैनी की शिकायत भी की, कुछ इसे बादलों की उठापटक मान रहे हैं। जबकि हालात खराब स्थिति की ओर जाते दिख रहे हैं।
माना जा रहा है कि पिछले कुछ वर्षों में प्रयागराज में वाहनों की बढ़ती संख्या, व्यावसायिक और आवासीय भवनों के निर्माण से गुम हो रही हरियाली से वायु प्रदूषण का कहर बढ़ रहा है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की रिपोर्ट की मानें तो यदि अभी नहीं चेते तो यहां भी दिल्ली जैसे हालात हो जाएंगे। बोर्ड का कहना है कि लगातार बढ़ रहे वायु प्रदूषण को रोकने के लिए सरकारी तंत्रों के अलावा लोगों को भी जागरूक होना होगा।
नियमित निगरानी नहीं कर पाता प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पास वायु प्रदूषण की नियमित निगरानी की स्थायी व्यवस्था नहीं है। एमएनएनआईटी की देखरेख में चल रही पांच स्थानों की रिपोर्ट एक से डेढ़ महीने बाद ही आती है। ऐसे में आसमान में छाए स्मॉग और जाड़े की शुरूआत में ही बढ़ते तापक्रम से हालात खराब होने का ही अंदेशा जताया जा रहा है। धूल-धुएं के गुबार अब आसमान पर परत बनकर जमे हुए हैं। अफसरों का कहना है कि एक मोटी परत पिछले दो-तीन दिनों से सूरज की गर्मी को रोके हुए हैं। कभी तेज धूप खिलती है तो कभी बादलों के छाने का भ्रम होता है। जबकि यह संकेत है कि प्रदूषण में कमी नहीं आई है। साफ है कि प्रयागराज में आबोहवा अचानक नहीं बिगड़ी है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय की रिपोर्ट के अनुसार धीरे-धीेरे वायु प्रदूषण यहां भी बढ़ रहा है।
वायु गुणवत्ता सूचकांक के विभिन्न मानकों को पारकर प्रयागराज चौथी स्टेज यानी खराब जोन में पहुंच गया है। जून से लेकर सितंबर महीने तक की वायु प्रदूषण की रिपोर्ट के अनुसार औसत वायु प्रदूषण का स्तर 200 के ऊपर दर्ज किया गया है, जो कि खराब स्थिति को दर्शाता है। यह स्थिति विगत कई वर्षों से बनी हुई है। वर्तमान में यह सूचकांक उन पांच स्थानों पर औसतन 250 के करीब है, जहां प्रदूषण मापक यंत्र लगाए गए हैं। - जेबी सिंह, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
एयर एक्शन प्लान का नहीं हो रहा है पालन
प्रयागराज की आबोहवा सुधारने के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने एक दर्जन विभागों के लिए संयुक्त रूप से एयर एक्शन प्लान बनाया है। ताकि, संबधित विभाग वायु प्रदूषण रोकने के लिए उपाय करें। निर्माण कार्यों के दौरान पानी का छिड़काव, जालियां लगाना, दीवार खड़ी करना आदि। लेकिन किसी भी विभाग ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया। नतीजतन वायु प्रदूषण का ग्राफ बढ़ता ही जा रहा है।
देहात में साढ़े चार सौ ईंट-भट्ठे बढ़ा रहे प्रदूषण
झूंसी। गंगापार और यमुनापार में संचालित तकरीबन साढ़े चार सौ ईंट के भट्ठों से अब देहात की सेहत भी खराब होने लगी है। मानक के विपरीत संचालित ईंट के भट्ठों पर भी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की नजर है। क्षेत्रीय अधिकारी जेबी सिंह ने बताया कि गंगापार-यमुनापार में संचालित ईंट भट्ठों की लगातार मानीटरिंग की जा रही है। भट्ठा संचालकों को सरकार के निर्देशों का पालन कराने के आदेश दिए गए हैं। जो भी भट्ठा संचालक नियम का पालन नहीं करेंगे, उन्हें बंद कराया जाएगा।
वायु गुणवत्ता के ये हैं मानक
0 से 50 वायु गुणवत्ता सूचकांक अच्छा
51 से 100 वायु गुणवत्ता सूचकांक संतोषजनक
101 से 200 वायु गुणवत्ता सूचकांक मध्यम
201 से 300 वायु गुणवत्ता सूचकांक खराब
301 से 400 वायु गुणवत्ता सूचकांक बेहद खराब
401 से ऊपर वायु गुणवत्ता सूचकांक गंभीर
पिछले छह साल की वायु प्रदूषण की रिपोर्ट, एमबीएंट एयर क्वालिटी पीएम 10
2013 2014 2015 2016 2017 2018
लक्ष्मी टाकीज, कटरा 253.7 264.1 269.9 224.6 227 232.3
भारत यंत्र निगम लिमिटेड 218 236.6 233.5 179.3 174.8 191.9
क्वापरेटिव बैंक जानसेनगंज 211.7 183.7 207 182.2 115.8 236.2
अलोपीबाग पंपिंग स्टेशन 249.4 193.8 220.1 195.5 109.8 266.2
पराग डेयरी रामबाग 219 182.3 208.9 179.2 99 228.4
वायु प्रदूषण का स्तर इस दीवाली पर वायु प्रदूषण का स्तर 2018 की दीवाली पर
कटरा लक्ष्मी टाकीज 366 225 वायु गुणवत्ता सूचकांक
भारत यंत्र निगम लिमिटेड 321 217
क्वापरेटिव बैंक जानसेनगंज 274 314
अलोपीबाग पंपिंग स्टेशन 301 345
पराग डेयरी रामबाग 342 320
( इन स्थानों पर बीते तीन दिनों में वायु प्रदूषण का स्तर औसतन 250 के आसपास रहा। कटरा लक्ष्मी टाकीज अलोपीबाग में स्थिति विकट रही। वहीं जंक्शन स्टेशन प्रदर्शित एयर क्लालिटी इंडेक्स में वायु प्रदूषण की मात्रा रात 10.20 बजे पीएम-10 (414) और पीएम-2.5(259) रहा।)