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- फोटो : प्रयागराज
पुलिस को शक, अंतरराज्यीय चोर गिरोह ने की वारदात
प्रयागराज। कैशवैन से डेढ़ करोड़ की चोरी के मामले में अब तक की जांच व घटना के सीसीटीवी फुटेज देखने के बाद यह संभावना भी है कि वारदात में कोई अंतराज्यीय गिरोह शामिल रहा हो। फुटेज में दिखे बदमाशोें का हुलिया देखने के बाद इस आशंका केा और भी बल मिल रहा है। अफसर भी इस संभावना से इंकार नहीं कर रहे हैं। उनका कहना है कि सभी बिंदुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है।
सूत्रों की मानें तो सीसीटीवी फुटेज में जो बदमाश नजर आए हैं उनका हुलिया बहुत कुछ दक्षिण भारत के लोगों का जैसा है। चूंकि पूर्व में शहर में हुई चोरी, टप्पेबाजी की घटनाओं में दक्षिण भारत से आए बदमाशों की संलिप्तिता सामने आ चुकी है, ऐसे में यह भी संभावना है कि इस वारदात में भी वहां का ही कोई गिरोह शामिल हो। बता दें कि कुंभ के दौरान शहर में टप्पेबाजी व चोरी की दर्जनों घटनाओं का खुलासा करते हुए पुलिस ने तमिलनाडू के एक गिरोह को पकड़ा था जिनमें महिलाएं भी शामिल थीं।
पुलिस अफसर भी इस संभावना से इंकार नहीं कर रहे हैं। हालांकि उनका यह भी कहना है कि इस स्थिति में उनका कोई स्थानीय मददगार जरूर रहा होगा। इसलिए क्योंकि जिस तरह से वारदात को अंजाम देकर बदमाश भाग निकले, उससे साफ है कि उन्हेें यहां के रास्तों, इलाकों की बहुत अच्छे से जानकारी थी। बाहर का गिरोह होने की स्थिति में बिना किसी स्थानीय व्यक्ति की मदद के इतनी बड़ी वारदात को अंजाम देेना आसान नहीं। एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज का कहना है कि वारदात में अंतरराज्यीय गिरोह के होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। जांच की जा रही है।
खुलासे के लिए लगाई गईं चार टीमें
प्रयागराज। पुलिस अफसरों ने बताया कि मामले के खुलासे के लिए कुल चार टीमें लगाई गई हैं। इनमें से एक टीम को प्रतापगढ़ भी भेजा गया है। इसके अलावा क्राइम ब्रांच, स्वाट व व्यापारी सुरक्षा प्रकोष्ठ के साथ ही एसटीएफ भी इस मामले पर काम कर रही है। अफसरों ने बताया कि सभी टीमें सीसीटीवी फुटेज के सहारे बदमाशों को चिह्नित करने के प्रयास में जुटी हैं। आसपास के जनपदों में पूर्व में हुुई इस तरह की घटनाओं की जानकारी भी जुटाई जा रही है।
संदिग्ध नंबरों की खंगाली जा रही कॉल डिटेल
प्रयागराज। पुलिस सूत्रों की मानें तो जिस तरह से वारदात को अंजाम दिया गया, उससे इस बात की भी पूरी आशंका है कि घटना के वक्त बदमाशों का कोई खबरी जरूर मौके पर मौजूद रहा हो। कैशवैन के पहुंचने के ठीक कुछ मिनटों बाद ही बदमाश जिस तरह वहां आ धमके, उससे भी इस बात को बल मिलता है। ऐसे में पुलिस उन सभी मोबाइल नंबरों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है जो घटना के वक्त जंक्शन पर सक्रिय थे। सूत्रों का कहना है कि इनमें से कुछ संदिग्ध नंबरों को सर्विलांस पर भी लगवाया गया है। कैशवैन कंपनी के चारों कर्मचारियों की कॉल डिटेल भी खंगाली जा रही है।
कंपनी के अफसरों से भी पूछताछ
जांच पड़ताल में जुटी पुलिस ने शुक्रवार को कंपनी के अफसरों से भी पूछताछ की। उनसे संबंधित कर्मचारियों के बारे में तो पूछताछ की ही गई, कंपनी में कार्यरत अन्य कर्मचारियों के बारे में भी जानकारी मांगी गई। यह भी पूछा गया कि कोई ऐसा तो नहीं रहा जिसे हाल के दिनों में ही नौकरी से निकाला गया हो या फिर उसने खुद नौकरी छोड़ी हो। क्राइम ब्रांच की एक टीम सुबह जांच पड़ताल करने एसबीआई की म्योहाल स्थित मुख्य शाखा भी पहुंची। साथ ही उनसे यह जाना कि कैश मैनेजमेंट कंपनी के कर्मचारियोें ने किस एटीएम में कितनी रकम डाली।