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प्रयागराजः सीसीटीवी फुटेज से खुलासा, एटीएम कैशवैन से डेढ़ करोड़ लेकर फाफामऊ में गुम हुए चोर

Sat, 05 Oct 2019 08:04 PM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
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prayagraj crime news - फोटो : प्रयागराज
जंक्शन के सिविल लाइंस साइड में कैशवैन से करीब डेढ़ करोड़ रुपये चोरी की वारदात में सीसीटीवी फुटेज से अहम खुलासा हुआ है। पता चला है कि चोर गिरोह के सात सदस्य कैशवैन से नगदी भरा बक्सा उड़ाने के बाद फाफामऊ भाग निकले थे। जिसके बाद पुलिस फाफामऊ व आसपास के इलाकों में दिन भर छापेमारी करती रही। हालांकि देर रात तक उन्हें पकड़ा नहीं जा सका था। 

एक दिन पहले एसआईएस प्रोसीजर कैश मैनेजमेंट कंपनी की कैशवैन से डेढ़ करोड़ रुपयों से भरा बक्सा चोरी कर लिया गया था। घटना जंक्शन के सिविल लाइंस साइड पर तब हुई थी जब कैशवैन के साथ पहुंचे कस्टोडियन व गनमैन एसबीआई एटीएम में नगदी भर रहे थे। मौके पर पहुंची पुलिस अफसरों ने घटनास्थल के ठीक बगल स्थित होटल पोलोमैक्स के कैमरों की फुटेज खंगाली तो उसमें कर्मचारियों के अलावा कोई चौथा शख्स नहीं दिखा। लेकिन जांच पड़ताल करते हुए जब आरपीएफ की मदद से जंक्शन के सर्कुलेटिंग एरिया में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई तो अहम क्लू मिले। इसमें छह बदमाश बक्सा लेकर जाते नजर आए। छानबीन में यह भी बात सामने आई कि बदमाश कैशवैन से बक्सा उड़ाने के बाद रेलवे अस्पताल व डीआरएम बंगले के बगल वाले रास्ते से होकर नवाब यूसुफ रोड की ओर भागे।

नवाब यूसुफ रोड पर आने के बाद वह किधर गए इसका पता नहीं चल सका क्योंकि वहां चौराहे पर लगा कैमरा खराब था। जांच पड़ताल में जुटी पुलिस को सुबह पता चला कि नवाब यूसुफ रोड से निकलकर सभी बदमाश अपने एक अन्य साथी के साथ किसी तरह स्टेनली रोड पर पहुंचे थे। इसके बाद ऑटो में बैठकर फाफामऊ भाग निकले। यह सूचना मिलने के प फौरान बाद पुलिस ने फाफामऊ व आसपास के इलाकों में छापेमारी शुरू कर दी। लेकिन देर रात तक बदमाशों को नहीं पकड़ा जा सका था।
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prayagraj news - फोटो : प्रयागराज
पहला फुटेज: 17.17 मिनट
सूत्रों की मानें तो जांच पड़ताल के दौरान जंक्शन के सर्कुलेटिंग एरिया में लगे तीन सीसीटीवी कैमरों की फुटेज मेें बदमाश नजर आए। दरअसल, कस्टोडियन समेत अन्य कर्मचारियों से पूछताछ के बाद एसएसपी ने बताया था कि वह सभी 5.12 मिनट के करीब जंक्शन पर होटल के बगल स्थित एसबीआई एटीएम में गए। पुलिस को एक कैमरे की फुटेज देखने के बाद पता चला कि वारदात को अंजाम देेने वाले गिरोह के सदस्य करीब पांच मिनट बाद यानी 5.17 बजे कैशवैन के पास से होकर गुजरे। कुछ दूर जाने के बाद वह फिर मुड़कर वापस आए और वहां टहल रहे ड्राइवर से कुछ बातचीत की। जिसके बाद ड्राइवर टिकट काउंटर की ओर इशारा करके उन्हें कुछ बताता भी है। इस दौरान चार से पांच मिनट का वक्त लगता है और इसी दौरान एक चोर बक्सा निकाल लेता है। फुटेज में चोर कैशवैन से बक्सा निकालते नहीं नजर आता लेकिन माना जा रहा है कि ऐसा तब हुआ, जब ड्राइवर को गिरोह के अन्य सदस्यों ने अपनी बातों में उलझाए रखा था। 
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prayagraj news - फोटो : प्रयागराज
दूसरा फुटेज: 17.24 मिनट

पुलिस को मिला दूसरे फुटेज होटल पोलो मैक्स के पास लगे सीसीटीवी कैमरे का है जिसमें सामने स्थित स्टैंड भी नजर आता है। 10-15 सेकंड बाद ही फुटेज में एक चोर बक्सा लेकर तेजी से भागते हुए दिखाई देता है। दो-तीन सेकंड बाद उसके पीछे उसका एक साथी भी दौड़ते हुए नजर आता है। यही नहीं गिरोह का एक और सदस्य भी फुटेज में नजर आता है लेकिन वह अपने साथियों के पीछे न जाकर होटल के सामने वाले रास्ते से होकर जाता है। इसके बाद सभी रेलवे अस्पताल गेट की ओर चले जाते हैं। 

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prayagraj news - फोटो : प्रयागराज
तीसरा फुटेज:17.25 मिनट
तीसरे फुटेज में बदमाश रेलवे अस्पताल व डीआरएम बंगले के बीच बने रास्ते पर बक्सा लेकर जाते दिखाई देते हैं। फुटेज में दिखाई दे रहा है कि बक्सा लिए हुए बदमाश 17.25.16 मिनट पर रेलवे अस्पताल का गेट पार करते हैं। यहां पहले दो बदमाश बक्सा लेकर जाते हुए गेट से उस पार जाते हैं। इसके बाद एक-एक करके इनके चार अन्य साथी भी नजर आते हैं। जो बक्से को लेकर जाने में उनकी मदद भी करते भी दिखाई दे रहे हैं। तीनों फुटेज से साफ है कि आठ मिनट के भीतर ही बदमाश डेढ़ करोड़ रुपयों से भरा बक्सा लेकर फरार हो जाते हैं। 
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prayagraj news - फोटो : प्रयागराज
पुलिस को शक, अंतरराज्यीय चोर गिरोह ने की वारदात

प्रयागराज। कैशवैन से डेढ़ करोड़ की चोरी के मामले में अब तक की जांच व घटना के सीसीटीवी फुटेज देखने के बाद यह संभावना भी है कि वारदात में कोई अंतराज्यीय गिरोह शामिल रहा हो। फुटेज में दिखे बदमाशोें का हुलिया देखने के बाद इस आशंका केा और भी बल मिल रहा है। अफसर भी इस संभावना से इंकार नहीं कर रहे हैं। उनका कहना है कि सभी बिंदुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। 

सूत्रों की मानें तो सीसीटीवी फुटेज में जो बदमाश नजर आए हैं उनका हुलिया बहुत कुछ दक्षिण भारत के लोगों का जैसा है। चूंकि पूर्व में शहर में हुई चोरी, टप्पेबाजी की घटनाओं में दक्षिण भारत से आए बदमाशों की संलिप्तिता सामने आ चुकी है, ऐसे में यह भी संभावना है कि इस वारदात में भी वहां का ही कोई गिरोह शामिल हो। बता दें कि कुंभ के दौरान शहर में टप्पेबाजी व चोरी की दर्जनों घटनाओं का खुलासा करते हुए पुलिस ने तमिलनाडू के एक गिरोह को पकड़ा था जिनमें महिलाएं भी शामिल थीं।

पुलिस अफसर भी इस संभावना से इंकार नहीं कर रहे हैं। हालांकि उनका यह भी कहना है कि इस स्थिति में उनका कोई स्थानीय मददगार जरूर रहा होगा। इसलिए क्योंकि जिस तरह से वारदात को अंजाम देकर बदमाश भाग निकले, उससे साफ है कि उन्हेें यहां के रास्तों, इलाकों की बहुत अच्छे से जानकारी थी। बाहर का गिरोह होने की स्थिति में बिना किसी स्थानीय व्यक्ति की मदद के इतनी बड़ी वारदात को अंजाम देेना आसान नहीं। एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज का कहना है कि वारदात में अंतरराज्यीय गिरोह के होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। जांच की जा रही है। 



खुलासे के लिए लगाई गईं चार टीमें
प्रयागराज। पुलिस अफसरों ने बताया कि मामले के खुलासे के लिए कुल चार टीमें लगाई गई हैं। इनमें से एक टीम को प्रतापगढ़ भी भेजा गया है। इसके अलावा क्राइम ब्रांच, स्वाट व व्यापारी सुरक्षा प्रकोष्ठ के साथ ही एसटीएफ भी इस मामले पर काम कर रही है। अफसरों ने बताया कि सभी टीमें सीसीटीवी फुटेज के सहारे बदमाशों को चिह्नित करने के प्रयास में जुटी हैं। आसपास के जनपदों में पूर्व में हुुई इस तरह की घटनाओं की जानकारी भी जुटाई जा रही है। 


संदिग्ध नंबरों की खंगाली जा रही कॉल डिटेल
प्रयागराज। पुलिस सूत्रों की मानें तो जिस तरह से वारदात को अंजाम दिया गया, उससे इस बात की भी पूरी आशंका है कि घटना के वक्त बदमाशों का कोई खबरी जरूर मौके पर मौजूद रहा हो। कैशवैन के पहुंचने के ठीक कुछ मिनटों बाद ही बदमाश जिस तरह वहां आ धमके, उससे भी इस बात को बल मिलता है। ऐसे में पुलिस उन सभी मोबाइल नंबरों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है जो घटना के वक्त जंक्शन पर सक्रिय थे। सूत्रों का कहना है कि इनमें से कुछ संदिग्ध नंबरों को सर्विलांस पर भी लगवाया गया है। कैशवैन कंपनी के चारों कर्मचारियों की कॉल डिटेल भी खंगाली जा रही है। 


कंपनी के अफसरों से भी पूछताछ
जांच पड़ताल में जुटी पुलिस ने शुक्रवार को कंपनी के अफसरों से भी पूछताछ की। उनसे संबंधित कर्मचारियों के बारे में तो पूछताछ की ही गई, कंपनी में कार्यरत अन्य कर्मचारियों के बारे में भी जानकारी मांगी गई। यह भी पूछा गया कि कोई ऐसा तो नहीं रहा जिसे हाल के दिनों में ही नौकरी से निकाला गया हो या फिर उसने खुद नौकरी छोड़ी हो। क्राइम ब्रांच की एक टीम सुबह जांच पड़ताल करने एसबीआई की म्योहाल स्थित मुख्य शाखा भी पहुंची। साथ ही उनसे यह जाना कि कैश मैनेजमेंट कंपनी के कर्मचारियोें ने किस एटीएम में  कितनी रकम डाली। 
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गाड़ी की तलाशी लेती पुलिस टीम
रात भर होती रही चेकिंग, छावनी बने रहे चौराहे

प्रयागराज। डेढ़ करोड़ की चोरी के बाद से शहर में चौतरफा नाकेबंदी कराकर चेकिंग की गई। हाल यह रहा कि शाम से शुरू हुई चेकिंग का सिलसिला रात भर चलता रहा। इस दौरान शहर में हर चौराहे पर भारी फोर्स देखकर शहरी भी सकते में रहे। उधर जिले की सभी सीमाओं पर भी सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। हैरत की बात यह रही कि लगातार कई घंटों तक चेकिंग के बाद भी चोर नगदी भरा बक्सा लेकर निकल भागे। 

पुलिस को घटना की सूचना 6.30 बजे के करीब मिली। जांच पड़ताल के बाद यह साफ हो गया कि चोर नगदी भरा बक्सा लेकर भाग निकले हैं। जिसके बाद वायरलैस पर संदेश प्रसारित कर शहर भर में नाकेबंदी कराई गई। शाहगंज, खुल्दाबाद पुलिस को रेलवे स्टेशन जबकि कोतवाली, सिविल लाइंस पुलिस को बस अड्डों पर चेकिंग करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा हर थानों की फोर्स को अपने-अपने क्षेत्रों के प्रवेश व निकास बिंदुओं पर बैरिकेडिंग कर चेकिंग करने को कहा गया। स्पष्ट निर्देश दिया गया कि बिना जांचे किसी भी व्यक्ति या वाहन को न छोड़ा जाए।

इसके बाद शहर भर की फोर्स सड़कों पर उतर आई। डायल 100 की गाड़ियों को भी चेकिंग के निर्देश दिए गए। उधर जगह-जगह नाकेबंदी देख वहां से गुजर रहे शहरी भी अनहोनी की आशंका से भर गए। बस अड्डों पर पहुंचकर फोर्स ने बाहर के लिए रवाना होने वाली एक-एक बस की बारीकी से जांच की। उधर सिविल लाइंस समेत पुराने शहर के कई इलाकों में स्थित झुग्गी-झोपड़ियों में भी जाकर चेकिंग की। जांच का यह क्रम शाम से शुरू होकर सुबह तक चलता रहा। हालांकि पुलिस को डेढ़ करोड़ चोरी करने वाले बदमाशोें के बारे में कोई सुराग नहीं मिला। 
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traffic police checking license
शातिर बदमाशों ने आठ मिनट में पार कर दिए डेढ़ करोड़ रुपये

प्रयागराज। जंक्शन के सिविल लाइंस साइड स्थित एटीएम के बाहर कैशवैन से डेढ़ करोड़ रुपये चोरी की वारदात बेहद पेशेवर अंदाज में अंजाम दी गई। बदमाशों ने पूरी तैयारी की थी और 1.52 करोड़ रुपये की चोरी की वारदात उन्होंने महज आठ मिनट के भीतर की। सीसीटीवी फुटेज देखने के बाद इस बात की जानकारी होने पर पुलिस अफसर भी हैरान हैं। 


आरपीएफ भी जुटी रही छानबीन में
उधर इस मामले में आरपीएफ भी पुलिस के सहयोग के लिए छानबीन में जुटी रही। आरपीएफ के एसआई अमित दुबे रात भर अपनी टीम के साथ जंक्शन के सर्कुलेटिंग एरिया में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने में जुुटे रहे। आरपीएफ के सहयोग से ही जिला पुलिस को तीन अहम सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध हो सके जिसके माध्यम से पुलिस को अहम जानकारियां मिलीं। उधर ट्रेनों में भी चेकिंग की गई। 

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स्टेशन पर चेकिंग करते आरपीएफ और जीआरपी के जवान - फोटो : अमर उजाला
ऑटो चालक ने पहुंचकर दी सूचना
सूत्रों की मानें तो बदमाशों के फाफामऊ भागने की जानकारी पुलिस को उस ऑटो के चालक ने दी, जिसमें बैठकर बदमाश फाफामऊ गए थे। सुबह अखबार में खबर पढ़ने के बाद घबराया ऑटो चालक खुद पुलिस के पास पहुंच गया। इसके बाद बताया कि शाम को सात लोग एक बक्सा लेकर पुलिस लाइन के पास से उसके ऑटो में बैठे। इसके बाद फाफामऊ पहुंचकर एक गली में चले गए। उसने यह भी बताया कि वह सभी बेहद हड़बड़ी में थे और बार-बार एक कपड़े से बक्से को ढंक रहे थे। वह बार-बार ऑटो तेज चलाने को भी कह रहे थे। पूछने पर उन्होंने बताया कि उनका एक साथी बीमार है, जिसे लेकर वह अस्पताल जा रहे हैं। 

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फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
ड्राइवर को झांसा देकर की थी वारदात
घटना के बाद जांच पड़ताल के दौरान पुलिस को एक ऐसी भी फुटेज मिली थी जिसमें बक्सा चोरी करने वाले बदमाश कुछ देर के लिए कैशवैन ड्राइवर राजकुमार से बात करते दिखे थे। इसके बाद पुलिस अफसरों का शक उस पर गहरा गया था। वैसे तो हिरासत में चारोें कर्मचारी लिए गए लेकिन, ड्राइवर की भूमिका कुछ ज्यादा ही संदिग्ध मानी जा रही थी। हालांकि सूत्रों का कहना है कि फिलहाल यही बात सामने आई है कि गिरोह के सदस्यों ने ड्राइवर को झांसा देकर कैशवैन से बक्सा उड़ाया था। दरअसल, फुटेज के बाबत पूछताछ करने पर उसने यही बताया कि वह कैशवैन के पास टहल रहा था। तभी वहां पहुंचे कुछ लोगों ने टिकट काउंटर के बारे में पूछताछ करते हुए उसे अपनी बातों में फंसा लिया। इसी बीच उसके एक साथी ने कैशवैन से बक्सा उड़ा दिया। हालांकि एसएसपी का कहना है कि जांच जारी है। फिलहाल मामले में किसी को भी क्लीन चिट नहीं दी गई है। सभी की भूमिका की जांच की जा रही है। 

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1.52 करोड़ रुपये हुए थे चोरी
उधर शनिवार भोर में कस्टोडियन अशोक त्रिपाठी की ओर से सिविल लाइंस थाने में तहरीर देकर मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। उसने बताया कि बक्से में कुल 1.52 करोड़ रुपये थे जो चोरी हुए। सुबह 11.30 बजे वह अपने साथी कस्टोडियन बलराम चौधरी निवासी धार मप्र, गनर अजय दुबे निवासी कैंट व ड्राइवर राजकुमार मिश्रा निवासी जयंतीपुर धूमनगंज के साथ एसबीआई मुख्य शाखा से 2.30 करोड़ रुपये लेकर निकला था। सुभाष चौराहा स्थित यूनियन बैंक, बम्हरौली एयरफोर्स, एजी ऑफिस और फिर बिग बाजार के सामने स्थित एटीएम में नगदी डालने के बाद सभी जंक्शन स्थित पोलो मैक्स होटल के बगल स्थित एसबीआई एटीएम में नगदी डालने पहुंचे। यहां रुपये भरने के बाद प्लेटफार्म एक पर स्थित एटीएम पर पहुंचे तभी पता चला कि कैशवैन में रखा 1.52 करोड़ नगदी भरा बक्सा गायब था। 

30-40 उम्र के थे सभी बदमाश
प्रयागराज। कैशवैन से डेढ़ करोड़ की चोरी की वारदात में शामिल बदमाश 30 से 40 साल की उम्र के थे। लेकिन दो बदमाशों की उम्र कम लग रही थी। इनमें वह दोनों बदमाश शामिल हैं जो कैशवैन से बक्सा लेकर भागते दिख रहे हैं। फुटेज में दिखाई दे रहा है कि जो बदमाश बक्सा लेकर सबसे पहले भागा, उसने नीली रंग की चेक शर्ट व जींस पहन रखी है। इसी तरह उसके पीछे भागता दिख रहे साथी ने गहरे नीले रंग की प्लेन शर्ट व जींस पहनी थी। अन्य में से एक ने बैंगनी रंग की शर्ट व खाकी रंग की पैंट जबकि अन्य बदमाश शर्ट-पैंट पहने थे। 
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पूरे शहर में रात भर की कगई चेकिंग।
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