बाकी परिवार वालों का एसआरएन अस्पताल में इलाज चल रहा है। पिता अभयराज यादव ससुराल में हैं। उनके साले ने वीडियो कॉल किया। इसके बाद अंत्येष्टि की पूरी प्रक्रिया संपन्न कराई गई। अभयराज इस दौरान लगातार रोते रहे। उधर अस्पताल में पत्नी तथा बच्चों की हालत स्थिर बनी हुई है। डाक्टरों का कहना था कि एक दो दिन में उन्हें मनोचिकित्सक के पास ले जाया जाएगा।
वे इतने कमजोर हैं कि अभी ठीक से खड़े होने के लायक भी नहीं हैं। लंबे समय से पूरा भोजन न ग्रहण करने और अंधविश्वास के कारण उनका शरीर चलने लायक नहीं है। आज दिन में नायब तहसीलदार विजय द्विवेदी कुछ लोगों के साथ अस्पताल पहुंचे और परिवार वालों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने इलाज कर रहे डाक्टरों से भी बात की।
घर के आस पास सन्नाटा, लोग जाने से डर रहे
अभयराज यादव के घर के आस पास बृहस्पतिवार को सन्नाटा छाया था। पास पड़ोस वालों ने बताया कि बच्चे भी घर के आस पास जाने से डर रहे हैं। घटना को लेकर गांव में जितने मुंह उतने तरह की बातें हो रही हैं। पड़ोसियों का कहना था कि अभयराज का परिवार पहले सही था लेकिन कुछ सालों से उन्होंने एक दूसरे से मिलना जुलना छोड़ दिया था।
घर के बाहर लगे हैंड पंप से नहीं लेते थे पानी, चौरा के बगल से लाते थे पानी
अभयराज यादव का परिवार अंधविश्वास में इस कदर डूबा था कि वे घर के सामने लगे हैंडपंप से पानी नहीं लाते थे। थोड़ी दूर पर चौरा (स्थानीय देवता का पूजा स्थल) के बगल हैंड पंप था। वहां से वे पानी लाते थे। परिवार के लोग सुबह उठकर गंगा स्नान के लिए जाते। वहां दो घंटे पूजा पाठ कर गैलन में पानी लाते, वही दिन भर पीते। अन्य कामों के लिए पानी चौरा के बगल हैंडपंप से लाते थे।