किसानों की मेहनत और पैदावार से खेलने वाले खाद माफिया पर प्रशासन ने बड़ी चोट मारी है। मंगलवार देर शाम जिलाधिकारी के निर्देश पर छापेमारी कर आशु खाद भंडार, खीरी के गोदाम में भरा नकली खाद का जाल उजागर किया गया।
किसानों की मेहनत और पैदावार से खेलने वाले खाद माफिया पर प्रशासन ने बड़ी चोट मारी है। मंगलवार देर शाम जिलाधिकारी के निर्देश पर छापेमारी कर आशु खाद भंडार, खीरी के गोदाम में भरा नकली खाद का जाल उजागर किया गया।
विज्ञापन
सूत्रों से मिली पुख्ता सूचना के बाद प्रशासन और पुलिस बल की संयुक्त टीम जब गोदाम में दाखिल हुई तो वहां का नज़ारा हैरान करने वाला था। तीन कमरों में एमओपी (म्यूरेट ऑफ पोटाश), एसएसपी (सिंगल सुपर फॉस्फेट), यूरिया, जिंक सल्फेट, एनपीके (नाइट्रोजन-फास्फोरस-पोटाश) और सल्फर का भंडारण मिला।
जांच में चम्बल फर्टिलाइजर्स ब्रांड की एमओपी नकली पाई गई—जिसमें नमक या बालू मिलाकर असली जैसी बनावट बनाई गई थी। मौके से 250 बोरी यह मिलावटी एमओपी बरामद हुई, जबकि रिलायंस पॉलीप्रोपाइलीन होमोपॉलिमर की करीब 240 बोरियों में भी यही सामग्री भरी पाई गई। टीम को 300 नई प्रिंटेड बोरियां भी मिलीं, जिन्हें नकली खाद भरने के लिए मंगाया गया था।
विज्ञापन
पीओएस (प्वाइंट ऑफ सेल) स्टॉक मिलान में लगभग 4000 बोरी यूरिया भी कम पाई गई। जिला कृषि अधिकारी के.के. सिंह ने बताया कि मौके से सभी प्रकार की खाद के एक-एक नमूने लेकर स्टॉक समेत गोदाम को सील कर दिया गया है। साथ ही, पूरे प्रकरण की जानकारी जिलाधिकारी को दी गई है और संबंधित के खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे गोरखधंधे में लिप्त लोगों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।