आरती और उसके परिजनों के साथ अस्पताल के स्टाफ में भी खुशी का माहौल साफ दिखा। परिजनों और चिकित्सकों की सलाह पर बच्ची का नाम गंगा रखा गया। बच्ची के जन्म को लेकर भावुक मां आरती ने उसे मां गंगा का प्रसाद बताया। आरती का कहना था कि संगम किनारे पुत्री रत्न की प्राप्ति से उसे अपार खुशी मिली है। चिकित्सकों के मुताबिक बच्ची का वजन तीन किलोग्राम है और वह पूरी तरह स्वस्थ है। अधीक्षक डॉ. अंकिता ने बताया कि यह पहला मौका है जब किसी महिला का प्रसव मेला क्षेत्र के अस्पताल में कराया गया है।
दादी ने अफसरों से भरण-पोषण के लिए लगाई मदद की गुहार
आरती की सास उमा गुप्ता भी इस खुशी को पाकर फूले नहीं समा रही हैं। उन्होंने प्राशसनिक आधिकारियों से गुहार लगाई कि बच्ची के पालन-पोषण के लिए कुछ सहायता दी जाए, ताकि उसके भरण-पोषण की कठिनाइयों से थोड़ी निजात मिल सके।
आज गंगा को देखने अस्पताल जाएंगे मेलाधिकारी
मेलाधिकारी अरविंद चौहान ने भी अस्पताल प्रशासन से गंगा और उसकी मां के स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। उन्होंने मेला क्षेत्र में बालिका शिशु के सुरक्षित प्रसव के लिए अस्पताल कर्मियों की सराहना की। मेलाधिकारी शुक्रवार को गंगा को देखने के लिए अस्पताल जाएंगे।