विडंबना यह है कि महाकुंभ की भव्यता को देखते हुए करोड़ों रुपये की भारी-भरकम लागत से एयरपोर्ट का विस्तार किया गया था और एक आधुनिक नया टर्मिनल तैयार किया गया था, लेकिन विमानों की कमी और घटते रूटों के कारण यह नया टर्मिनल पिछले कई महीनों से बंद पड़ा है।
करोड़ों का निवेश और बुनियादी ढांचा होने के बावजूद उड़ानों का न होना न केवल विभाग के लिए चिंता का विषय है, बल्कि शहर के विकास की रफ्तार पर भी ब्रेक लगा रहा है। विमानन कंपनियों की इस बेरुखी ने संगमनगरी के आसमान को सूना कर दिया है।
प्रयागराज एयरपोर्ट में वित्तीय वर्षवार विमानों एवं यात्रियों की आवाजाही का आंकड़ा :
वित्तीय वर्ष : यात्रियों की संख्या : विमानों की संख्या
2025-26 : 5,34,206 : 3766
2024-25 : 10,82,979 : 10,477
2023-24 : 5,97,972 : 6678
2022-23 : 5,70,505 : 7958
2021-22 : 4,41,749 : 6721
2020-21 : 3,47,166 : 4124
2019-20 : 4,15,064 : 4482
विमानों की कम होती संख्या चिंता का विषय है। उड्डयन मंत्री से इस संबंध में मुलाकात की जाएगी कि प्रयागराज से ज्यादा से ज्यादा शहरों का सीधा हवाई संपर्क किया जाए। - प्रवीण पटेल, सांसद एवं चेयरमैन प्रयागराज एयरपोर्ट सलाहकार समिति