भविष्य को लेकर उत्साहित था हर्षित
हर्षित के दोस्तों ने बताया कि वह बेहद शांत स्वभाव का मेहनती छात्र था। एनएलयू में दाखिले के बाद वह अपने भविष्य को लेकर काफी उत्साहित था। दोस्तों के साथ वह अक्सर वकालत और न्याय व्यवस्था पर चर्चा करता था। वहीं, दिव्यांशु भी छोटे भाई की सफलता से बेहद खुश था। दोनों भाइयों की एक साथ मौत से उनके दोस्तों और शिक्षकों में भी शोक है।
चीखें सुनकर हर किसी की आंखें हुईं नम
घटना के समय बच्चों की मां तारा कानपुर स्थित मायके गई थीं। हादसे की सूचना मिलते ही वह बदहवास हालत में देर शाम घर पहुंचीं। पति और बेटों के शव देखकर वह बेसुध होकर रोने लगीं। मौजूद महिलाएं उन्हें संभालने की कोशिश करती रहीं, लेकिन मां की चीखें सुनकर हर किसी के आंखें भर आईं।