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Prayagraj Accident : महाकुंभ में दीपक को 92 लाख रुपये में आवंटित हुई थी दुकान, सोशल मीडिया पर हुए थे वायरल

Sat, 23 May 2026 05:23 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

फाफामऊ स्थित शांतिपुरम के सेक्टर-ई निवासी दीपक चौरसिया (45) और दोनों बेटों दिव्यांशु और हर्षित का शव शनिवार को पोस्टमार्टम हाउस पहुंचा तो माहौल बेहद गमगीन रहा।
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दीपक चौरसिया, दिव्यांशु और मान उर्फ हर्षित चौरसिया। फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला।
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फाफामऊ स्थित शांतिपुरम के सेक्टर-ई निवासी दीपक चौरसिया (45) और दोनों बेटों दिव्यांशु और हर्षित का शव शनिवार को पोस्टमार्टम हाउस पहुंचा तो माहौल बेहद गमगीन रहा। मौजूद परिजनों और रिश्तेदारों की चीख-पुकार से हर किसी की आंखें नम हो गईं। महाकुंभ में दीपक को श्री महाकाल कचौड़ी भंडार की दुकान 92 लाख में आवंटित हुई थी।

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मेले में यह सबसे महंगी दुकानों में से एक थी। इस आयोजन में सक्रियता से दीपक की अलग पहचान बनी। इसके बाद वह सोशल मीडिया पर वायरल हो गए थे। रिश्तेदारों ने बताया कि छोटे बेटे हर्षित का हाल ही में लखनऊ के डॉ. राम मनोहर लोहिया नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (एनएलयू) में चयन होने की खुशी में मैहर यात्रा की योजना बनाई गई थी।

पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे दोस्त अरविंद ने बताया कि दिव्यांशु झलवा स्थित शंभूनाथ इंस्टीट्यूट ऑफ लॉ कॉलेज से एलएलबी कर रहा था। दोनों भाई पढ़ाई में होनहार थे। मोहल्ले वालों ने बताया कि दीपक बच्चों की पढ़ाई को लेकर बेहद सजग रहते थे।

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भविष्य को लेकर उत्साहित था हर्षित

हर्षित के दोस्तों ने बताया कि वह बेहद शांत स्वभाव का मेहनती छात्र था। एनएलयू में दाखिले के बाद वह अपने भविष्य को लेकर काफी उत्साहित था। दोस्तों के साथ वह अक्सर वकालत और न्याय व्यवस्था पर चर्चा करता था। वहीं, दिव्यांशु भी छोटे भाई की सफलता से बेहद खुश था। दोनों भाइयों की एक साथ मौत से उनके दोस्तों और शिक्षकों में भी शोक है।

चीखें सुनकर हर किसी की आंखें हुईं नम

घटना के समय बच्चों की मां तारा कानपुर स्थित मायके गई थीं। हादसे की सूचना मिलते ही वह बदहवास हालत में देर शाम घर पहुंचीं। पति और बेटों के शव देखकर वह बेसुध होकर रोने लगीं। मौजूद महिलाएं उन्हें संभालने की कोशिश करती रहीं, लेकिन मां की चीखें सुनकर हर किसी के आंखें भर आईं।
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