गंगा नदी पर स्टेनली रोड से मलाक हरहर तक सिक्सलेन सेतु करीब 94 फीसदी तैयार हो चुका है। क्रॉस बैरियर और बिटुमिन का काम शुरू हो गया है। उम्मीद है कि अक्तूबर तक सेतु प्रशासन को हैंडओवर कर दिया जाएगा। इसके बाद सेतु पर वाहन फर्राटा भरेंगे। वहीं, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के तहत सेतु का निर्माण कर रही संस्था का कहना है कि बाढ़ आई तो सेतु के निर्माण में थोड़ी बाधा हो सकती है। तय योजना के आधार पर सिक्सलेन पुल पर वाहनों का ट्रायल सितंबर में शुरू हो जाएगा।
ट्रायल पूरा होने के बाद अक्तूबर तक पुल को हैंडओवर कर दिया जाएगा। पुल पर पांच सेगमेंट का काम लगभग पूरा हो गया है। अब फिनिशिंग का काम शुरू हो गया है। इसमें एक से डेढ़ माह लगने की संभावना है। पुल बनने से लखनऊ का सफर चंद घंटों में पूरा हो जाएगा। इसके अलावा तेलियरगंज और फाफामऊ पुल पर लगने वाले जाम से राहत मिलेगी। एसपी सिंगला के परियोजना निदेशक सुनीत सिंगला ने बताया कि पुल का काम 94 फीसदी काम पूरा हो चुका है। सेगमेंट का काम पूरा होने के बाद क्रॉस बैरियर और बिटुमिन डालने का काम किया जा रहा है। अक्तूबर में सेतु को हैंडओवर कर दिया जाएगा।
पुल की खासियत
1. 16 फरवरी 2021 से पुल का निर्माण शुरू हुआ।
2. लगभग 9.90 किमी लंबे पुल का पांच किमी से अधिक हिस्सा गंगा नदी के ऊपर है।
3. यह प्रदेश का पहला एक्स्ट्रा डोज केबल ब्रिज है, जो आधुनिक तकनीकी से लैस होगा।
4. इसमें दोनों तरफ पैदल और साइकिल चालकों के लिए भी मार्ग का प्रावधान है।