गर्मी की छुट्टियों में आरक्षित टिकट की कालाबाजारी को रोकने के लिए रेलवे ने वृहद स्तर पर टिकट के दलालों को पकड़ने का अभियान ‘ऑपरेशन थंडर’ चलाया। रेलवे बोर्ड के डीजी आरपीएफ के निर्देश पर चले इस अभियान में एक ही दिन में 25 दलाल एनसीआर के इलाहाबाद, कानपुर, झांसी, आगरा, मथुरा, टूंडला, ग्वालियर, कौशांबी, फतेहपुर, अलीगढ़ एवं उरई में पकड़े गए। इन सभी के खिलाफ रेलवे एक्ट के तहत मुकदमा भी पंजीकृत किया गया है।
पकड़े गए दलालों में अधिकांश ने अपनी फर्जी पर्सनल आईडी बना रखी थी। पर्सनल आईडी के माध्यम से ही ये दलाल यात्रियों से ज्यादा कीमत लेकर टिकट बुक करते थे। आरपीएफ ने इसके लिए आईआरसीटीसी की मदद ली। वहां से मिले आईपी एड्रेस के आधार पर पहले इन दलालों को चिह्नित किया गया। इसके बाद वहां आरपीएफ के जवान खुद ग्राहक बनकर गए और वहीं रंगे हाथ इन दलालों को दबोच लिया गया।
एनसीआर के सीपीआरओ अजीत कुमार सिंह ने बताया कि इन टिकट दलालों से भविष्य की यात्रा के 123 टिकट जिनकी कीमत 1.99 लाख रुपये रही, को बरामद किया गया। 361 पर्सनल यूजर आईडी भी आईआरसीटीसी से प्रतिबंधित करवाई गई। इन दलालों से पिछली यात्रा के 3532 टिकटों के विवरण मिले। इसकी कुल कीमत 64.17 लाख रुपये रही। सीपीआरओ ने बताया कि आगे भी इस तरह के अभियान चलते रहेंगे।