बीड़ी किंग के नाम से चर्चित श्याम बीड़ी के मालिक श्यामाचरण गुप्ता प्रयागराज, बुंदेलखंड और विंध्याचल इलाके के बड़े कारोबारी भी माने जाते हैं। वह अब तक लोकसभा के कुल सात चुनाव लड़ चुके हैं। सर्वाधिक चार चुनाव उन्होंने सपा के टिकट पर लड़ा, जबकि दो बार भाजपा के टिकट पर भी वह मैदान में उतरे। वह अब 2019 में सपा से पांचवीं बार टिकट लेकर चुनाव लड़ेंगे। वर्ष 2004 में सपा के टिकट पर उन्होंने बांदा और 2014 में मोदी लहर के बीच उन्होंने भाजपा के टिकट पर इलाहाबाद संसदीय क्षेत्र सपा के रेवती रमण सिंह से छीना।
‘श्याम ग्रुप ऑफ कंपनीज’ के सीएमडी श्यामाचरण का डेयरी, एफएमसीसी, होटल, तंबाकू, एग्रो प्रोडक्ट, हाउसिंग, लॉजेस्टिक एंड डिस्ट्रीब्यूशन आदि का कारोबार है। उन्होंने अपना राजनीतिक सफर वर्ष 1984 में शुरू किया। तब उन्होंने बांदा संसदीय क्षेत्र से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा। अपने पहले चुनाव में श्यामा को चौथा स्थान मिला। तब उन्हें 13.02 फीसदी वोट मिले थे। इसके बाद वह नगर निगम इलाहाबाद पहुंचे।
वर्ष 1989 में सभासदों के जरिए मतदान में वह इलाहाबाद के महापौर चुने गए। हालांकि, उनका कार्यकाल पूरा नहीं हो सका और अविश्वास प्रस्ताव आ गया। इसके बाद 1991 में इलाहाबाद से भाजपा के टिकट पर लोकसभा का चुनाव लड़े, लेकिन जनता दल की सरोज दुबे से चुनाव हार गए। वर्ष 1995 में गुप्त की पत्नी जमुनोत्री गुप्ता भाजपा से महापौर का चुनाव लड़ीं, लेकिन प्रदेश सरकार में इस समय मंत्री डॉ. रीता बहुगुणा जोशी से हार गईं। डॉ. जोशी उस चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में मेयर का चुनाव लड़ी थीं। श्यामाचरण और उनकी पत्नी विधानसभा का भी चुनाव लड़े, लेकिन सफल नहीं हो पाए।
इसके बाद 1998 में हुए लोकसभा चुनाव में भाजपा के दिग्गज नेता डॉ. मुरली मनोहर जोशी ने उन्हें शिकस्त दी। तब श्यामा सपा के टिकट पर चुनाव लड़े थे। इसके बाद श्यामाचरण अपने गृह जनपद बांदा पहुंच गए। वहां 1999 में सपा के टिकट पर चुनाव लड़े, लेकिन बसपा से राम सजीवन से वे हार गए। हालांकि, इसके बाद वर्ष 2004 में हुए चुनाव में श्यामा चरण ने बसपा के ही राम सजीवन को शिकस्त दी और पहली बार लोकसभा पहुंचे। 2009 में श्यामा चरण पहली बार फूलपुर पहुंचे। यहां सपा के टिकट पर वे मैदान में उतरे, लेकिन बसपा के कपिल मुनि करवारिया ने उन्हें हरा दिया। वर्ष 2014 में भाजपा ने श्यामा चरण पर दांव लगाया। इस चुनाव में उन्होंने सपा से लगातार दो बार चुनाव जीत चुके रेवती रमण सिंह को शिकस्त देकर राजनीतिक गलियारे में हलचल मचा दी।
श्यामाचरण का लोकसभा चुनाव का सफर
वर्ष सीट पार्टी परिणाम स्थान
1984 बांदा निर्दलीय हार चौथा
1991 इलाहाबाद भाजपा हार दूसरा
1998 इलाहाबाद सपा हार दूसरा
1999 बांदा सपा हार दूसरा
2004 बांदा सपा जीत पहला
2009 फूलपुर सपा हार दूसरा
2014 इलाहाबाद भाजपा जीत पहला