कुंभ मेले के मद्देनजर संगम में मोटरबोट चलाई जाएंगी। इस दौरान किला घाट से सुजावन देव घाट तक स्नानार्थियों और पर्यटकों को भ्रमण कराया जाएगा, लेकिन इसके लिए भारी कीमत चुकानी होगी। मोटरबोट चलाने वाली चयनित निजी संस्थाओं ने प्रति व्यक्ति 200 से 1200 रुपये किराए का प्रस्ताव का मेला प्रशासन को भेजा है। हालांकि, अभी इस पर अंतिम फैसला होना बाकी है। संचालन 12 दिसंबर से शुरू करने की तैयारी है।
यमुना नदी में किला घाट से सुजावन देव मंदिर तक क्रूज तथा मोटरबोट चलाए जाएंगे। श्रद्धालु इनकी मदद से जल मार्ग से मेला का भ्रमण कर सकेंगे। इसके लिए पांच जगहों पर स्टेशन (जेट्टी बनाए) गए हैं। इसके लिए जल पोत विभाग का एक क्रूज पहले से आ चुका है। इसके अलावा वाराणसी तथा आसपास के जिलों से 20 मोटरबोट मंगाए गए हैं। पहले देव दिवाली से ही क्रूज सेवा शुरू करने की घोषणा की गई थी।
जल पोत विभाग का क्रूज संगम पर खड़ा भी किया गया, लेकिन तैयारी पूरी नहीं होने की वजह से उसे चलाया नहीं जा सका। अपर मेलाधिकारी द्वितीय कुंभ दिलीप कुमार त्रिगुणायत तथा अन्य अफसरों ने बुधवार को मार्ग का भ्रमण किया। उन्होंने बताया कि 12 दिसंबर तक सेवा शुरू करने की योजना है।
क्रूज सेवा का संचालन मेला प्रशासन के नियंत्रण में निजी संस्थाएं करेंगी। इसके लिए चार संस्थाओं को योग्य पाया गया है। उनकी तरफ से किला घाट से सुजावन देव मंदिर तक का किराया 1200 रुपये प्रति व्यक्ति तय किया गया है। यह मोटरबोट का प्रस्तावित किराया है। बीच में उतरने पर 200 से एक हजार रुपये तक किराया प्रस्तावित है। यह किराया जाने और आने दोनों तरफ का है। मेला प्रशासन की बैठक में इस पर निर्णय लिया जाएगा। उसी आधार पर जल पोत विभाग के क्रूज का किराया भी निर्धारित किया जाएगा।