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Pratapgarh News : सालों से गायब चल रहे डॉक्टरों पर गिरेगी शासन की गाज, सेवा समाप्ति के लिए सीएमओ ने शासन को भेजा पत्र 

Sun, 08 Nov 2020 07:06 PM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रतापगढ़
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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बगैर किसी सूचना के दो से तीन साल से गायब चल रहे जिले के सरकारी अस्पतालों में तैनात 11 डाक्टरों पर बर्खास्तगी की तलवार लटक रही है। अस्पताल न आने वाले इन डॉक्टरों की सेवा समाप्ति की कार्रवाई के लिए सीएमओ ने शासन को पत्र भेजा है। सभी चिकित्सकों के घर तीन बार नोटिस भेजा जा चुका है, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। 

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कोहड़ौर सीएचसी में तैनात डॉक्टर जीतेंद्र प्रताप तीन मई 2017 से बगैर किसी सूचना के गायब चल रहे हैं। तीन बार सीएमओ ने उन्हें नोटिस भेजकर जवाब मांगा, मगर कोई जवाब नहीं मिला। महेशगंज सीएचसी में तैनात डॉक्टर शिखा सिंह सचान तीन अगस्त से तो अमरगढ़ की डॉक्टर किरन कुमारी मार्च 2017 से और सीएचसी मानापुर में तैनात डॉक्टर संजय कुमार पाल नवंबर 2017 से बगैर किसी सूचना के गायब चल रहे हैं।

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सांगीपुर में तैनात डॉक्टर स्नेहा चौधरी, विश्वनाथगंज सीएचसी में तैनात डॉक्टर याज्ञवेंद्र सिंह, पीएचसी छितपालगढ़ में तैनात डॉक्टर आशीष दूबे और महिला अस्पताल की डॉक्टर मीनाक्षी पांडेय वर्ष 2018 से अस्पताल नहीं आ रही हैं। वहीं लालगंज सीएचसी में तैनात डॉक्टर आरपी भारती फरवरी 2020 से ड्यूटी पर नहीं आ रहे हैं।
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डाक्टर - फोटो : file photo
इन चिकित्सकों की सेवा समाप्ति के लिए सीएमओ ने शासन को पत्र लिखा है। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों का कहना है कि सीएचसी और पीएचसी के चिकित्सक पोस्टमार्टम में ड्यूटी और गांव क्षेत्र के अस्पतालों में तैनाती के बाद लखनऊ, दिल्ली जैसे शहरों में दोगुने पैकेज पर नौकरी करने लगते हैं। महानगर में रहते हैं। ऐसे में उन्हें सरकारी नौकरी रास नहीं आ रही है। 
 
  • लंबे समय से ड्यूटी छोड़कर गायब चल रहे चिकित्सकों को विभाग से बाहर का रास्ता दिखाने के लिए शासन को पत्र भेजा गया है। जल्द ही इन लोगों के खिलाफ बर्खास्तगी की कार्रवाई होगी। - डॉक्टर एके श्रीवास्तव, सीएमओ। 
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