उन्होंने कहा है कि भारतीय राजनीति में उनके योगदान से राष्ट्र हमेशा पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह का ऋणी रहेगा। सांसद ने अपने अनुभवों को साझा करते हुए कहा है कि राज्यसभा में जब मेरा पहला कार्यकाल समाप्त हुआ तो उन्होंने टिप्पणी की थी कि एक ऐसा सदस्य सदन से जा रहा है जिसे अच्छा संसदीय ज्ञान का था। फाइनेंस स्टैंडिंग कमेटी में डॉ. मनमोहन सिंह सदस्य थे। अस्वस्थता के कारण उन्होंने इस्तीफा दिया था और मेरे नाम को आगे बढ़ाया था।
उनके इस्तीफे के बाद मैं फाइनेंस स्टैंडिंग कमेटी का सदस्य बना। इसलिए पूर्व पीएम मनमोहन सिंह के साथ मेरी ऐसी तमाम यादें हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी ने कहा कि मनमोहन सिंह ज्ञान के चलते-फिरते भंडार यानि थे। उनके व्यक्तित्व में विनम्रता और ईमानदारी देखने को मिलती थी। कहा कि डॉक्टर मनमोहन सिंह की बनाई योजनाओं से ही आज देश आगे बढ़ रहा है। उनकी कमी को कभी पूरा नहीं किया जा सकेगा। इस मौके पर पूर्व विधयाक विजय प्रकाश, सुधाकर तिवारी, तलत अजीम, हरिकेश त्रिपाठी, मुकुंद तिवारी, विवेकानंद पाठक, हसीब अहमद, संजय तिवारी, गौरव पांडेय, मनोज पासी, अनिल पांडेय, लाल सिंह पटेल, शाश्वत मिश्रा, किशोर वार्ष्णेय, फुजैल हाश्मी, दीपचंद्र शर्मा, मो हसीन, तबरेज अहमद, अरशद अली समेत आदि लोग शामिल रहे।