बरौत ग्राम प्रधान शर्मिला जायसवाल के बड़े पुत्र सुमित ने घर में रखी राइफल से गोली मारकर आत्महत्या कर ली। उसने यह जानलेवा कदम उस दिन उठाया जब बहन के विवाह के अवसर पर घर में प्रीतिभोज का आयोजन था। इस दर्दनाक वाकये के बाद खुशियों से चहक रहे घर में रोने-बिलखने की आवाज गूंजने लगीं। घटना की सूचना मिलते ही हण्डिया पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। उसने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। उधर, परिजनों का कहना है कि युवक का मानसिक संतुलन काफी वर्षों से खराब था।
हण्डिया थाना क्षेत्र के बरौत गांव की शर्मिला जायसवाल प्रधान हैं। परिवार इंटर कॉलेज एवं डिग्री कॉलेज भी संचालित करता है। इसकी देखरेख का काम उनके पति छेदीलाल जायसवाल संभालते हैं। जायसवाल दंपति की बड़ी बेटी निधि की कल बारात आनी थी। उसके पहले ही घर में चहल-पहल शुरू हो गई थी। घर में रिश्तेदार-नातेदार जुटने लगे थे। आज गांव में प्रीतिभोज का आयोजन किया गया था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक रविवार सुबह करीब दस बजे उनका बड़ा पुत्र सुमित कुमार उर्फ पिंकू 38 वर्ष अपने पिता के कमरे में पहुंच गया। वहां पिता की लाइसेंसी राइफल रखी हुई थी। पिंकू ने उसी को सिर पर रखकर गोली चला दी। घर में फायरिंग की आवाज सुनते ही हड़कंप मच गया। लोग भागकर कमरे में पहुंचे जहां पिंकू खून से लथपथ पड़ा हुआ था।
पिंकू को मरणासन्न देखकर परिवार में रोना पिटना मच गया। उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की गई लेकिन, मौके पर ही उसकी मौत हो चुकी थी। थोड़ी ही देर में प्रधान पुत्र की मौत की खबर पूरे गांव में फैल गई। घर में बड़ी संख्या में ग्रामीण भी जुटने लगे। पुलिस भी सूचना मिलते ही मौके पर पहुंच गई। उसने शव को अपने कब्जे में ले लिया। पूछताछ के दौरान परिजनों ने पुलिस को बताया कि पिंकू का मानसिक संतुलन पिछले करीब तीन-चार वर्षों से खराब चल रहा था। इस वजह से परिवार के लोग बराबर उस पर निगाह रखते थे।
आज घर में प्रीतिभोज की तैयारियों में सब व्यस्त हो गए, इसी बीच मौका पाकर पिंकू ने यह आत्मघाती कदम उठा लिया। पिंकू छेदीलाल के तीन लड़कों में दूसरे नंबर का था। इंस्पेक्टर हण्डिया के मुताबिक पिता छेदीलाल ने भी पिंकू की खराब मानसिक हालत के बारे में बताया है।