इलाके की बिजली व्यवस्था पटरी से उतर चुकी है। दिन के अलावा रात में की जा रही कटौती ने ग्रामीणों की परेशानी बढ़ा दी है। बुधवार आधी रात तक मेजा के 103 गांवों की बिजली आपूर्ति बाधित रही।
बिजली की अघोषित कटौती से पानी की समस्या भी खड़ी हो गई है। इस समय अघोषित कटौती चरम पर है। ग्रामीणों को 24 घंटे में केवल सात-आठ घंटे ही बिजली मिल पा रही है।
मेजा के पताई डांड़ी के अजय कुमार ने अधिशासी अभियंता को ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने रात्रि में हो रही बिजली कटौती बंद करने की मांग की है। आरोप है कि रात नौ बजे बिजली काट दी जाती है और सुबह 4-5 बजे आती है। इससे रात भर बिजली बाधित रहती है। मनूकापूरा के अरविन्द मिश्रा ने बिजली कर्मियों की लापरवाही का आरोप लगाया है। एसडीओ मेजा सुरजीत कुमार ने बताया कि कटौती ऊपर से हो रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही बिजली कटौती बंद होगी। सुरजीत कुमार ने कहा कि इसके बाद सुचारू रूप से बिजली आपूर्ति होगी।
बिजली कटौती और लो-वोल्टेज से जनजीवन प्रभावित
लालतारा बिजली उपकेंद्र के अंतर्गत अघोषित कटौती और लो-वोल्टेज की समस्या से ग्रामीण व स्थानीय व्यापारी परेशान हैं। जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा से लोगों में गुस्सा है। ग्रामीण काका जैन ने बताया कि प्रतिदिन रोस्टिंग के नाम पर घंटों बिजली काटी जाती है। बिना सूचना कटौती से स्थानीय व्यापार चौपट हो गया है। बिजली आने पर भी वोल्टेज कम रहता है। मेजा ऊर्जा निगम के ज्योति स्वरूप मित्तल कंपनी के प्रबंधक संजय चन्द्रवंशी ने कहा, बिजली किल्लत से रहना मुश्किल है।