मेजा पावर प्लांट में विद्युत उत्पादन ठप
तोशीबा कंपनी द्वारा लगाई गई टरबाइन में आई खराबी, बड़ा आर्थिक नुकसान
नैनी/मेजा। एनटीपीसी लिमिटेड एवं उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम के संयुक्त उपक्रम मेजा ऊर्जा निगम लिमिटेड की टरबाइन में आई खराबी के चलते कई दिनों से विद्युत उत्पादन ठप है। हालांकि प्लांट की पीआरओ का कहना है कि अनुरक्षण कार्य के चलते तीन चार दिनों से विद्युत उत्पादन नहीं किया जा रहा है। विद्युत उत्पादन ठप होने से जहां मेजा ऊर्जा निगम अब तक करोड़ों रुपए का नुकसान उठा चुका है, वहीं टरबाइन की तकनीकी खराबी को दूर करने में लंबा समय लगने के कारण आगे और भी अधिक आर्थिक नुकसान की संभावना बनी हुई है।
गौरतलब है कि मेजा ऊर्जा निगम की 660 मेगावाट की प्रथम यूनिट द्वारा गत 29 अप्रैल 2019 की मध्य रात्रि से ही वाणिज्यिक उत्पादन शुरू किया गया था, लेकिन अभी छ: महीने भी नहीं बीते थे कि टरबाइन में खराबी आ गई। नतीजा बिजली उत्पादन ठप हो गया। प्रतिदिन 15.84 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन की क्षमता वाले मेजा ऊर्जा निगम के समक्ष उत्पादन को लेकर बड़ी चुनौती उत्पन्न हो गई है। फिलहाल टरबाइन में आई खराबी के चलते पावर प्लांट की चिमनी से धुआं निकलना बंद हो गया है और विद्युत उत्पादन बंद हो जाने से ऊर्जा निगम को भारी आर्थिक क्षति उठानी पड़ रही है।
अभी तक तकनीकी खामी नहीं ढूंढ पाए इंजीनियर
मेजा पावर प्लांट की टरबाइन तोशीबा कंपनी की ओर से लगाई गई है। टरबाइन में आई खराबी तोशीबा कंपनी ही ठीक करेगी अथवा पावर प्लांट खुद ठीक कराएगा, इसका पता नहीं चल पाया है। लेकिन इतना तय है कि तकनीकी गड़बड़ी दूर करने में लंबा समय लग सकता है। एक बार पावर प्लांट बंद हो जाने के बाद दोबारा उसे फिर से चालू करने में काफी पैसे और समय की बर्बादी होती है। स्वाभाविक है कि टरबाइन की मरम्मत होने तक विद्युत उत्पादन भी ठप रहेगा, जिससे ऊर्जा निगम को काफी आर्थिक क्षति उठानी पड़ेगी।
खराबी की जांच पड़ताल चल रही है। जब तक स्पष्ट रूप से पता नहीं चल जाता, कुछ कह पाना मुश्किल है।
असीम कुमार सामंता
मुख्य कार्यकारी अधिकारी, मेजा ऊर्जा निगम, प्रयागराज।
मेंटीनेंस का कार्य चल रहा है, इसलिए विद्युत उत्पादन का कार्य तीन-चार दिन से बंद है। आगे भी तीन-चार दिन तक बंद रहेगा।
नवनीता सोम
जनसंपर्क अधिकारी
मेजा ऊर्जा निगम, प्रयागराज।