मांडा निवासी 20 वर्षीय युवक की जान मेटा (इंस्टाग्राम) के सुसाइडल अलर्ट और पुलिस की त्वरित कार्रवाई से बच गई। ब्रेकअप के बाद अवसाद में आए युवक ने इंस्टाग्राम पर आत्महत्या की कोशिश संबंधी वीडियो पोस्ट किया था। वह सिंदूर खाते हुए कह रहा था कि आज मर रहा हूं।
मेटा की ओर से पुलिस मुख्यालय को अलर्ट मिलने के बाद प्रयागराज कमिश्नरेट पुलिस महज सात मिनट में युवक के घर पहुंच गई और समय रहते उसे अस्पताल पहुंचाकर उसकी जान बचा ली। पुलिस के अनुसार, शनिवार रात 9:15 बजे मेटा कंपनी ने पुलिस महानिदेशक मुख्यालय स्थित सोशल मीडिया सेंटर को ई-मेल के जरिये आत्महत्या संबंधी अलर्ट भेजा। पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण के निर्देश पर मुख्यालय ने तत्काल मोबाइल नंबर के आधार पर युवक की लोकेशन ट्रेस कर प्रयागराज कमिश्नरेट को सूचना दी।
सूचना मिलते ही मांडा थाने के उपनिरीक्षक शिव कुमार गोयल और आरक्षी अमित यादव मात्र सात मिनट में युवक के घर पहुंच गए। परिजनों को सोशल मीडिया पोस्ट की जानकारी देकर कमरे में पहुंचे तो युवक के पास सिंदूर के खाली पैकेट पड़े थे और वह उल्टी करने का प्रयास कर रहा था। पुलिस ने परिजनों की मदद से उसे तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज के बाद उसकी हालत सामान्य होने पर घर भेज दिया गया।
पूछताछ में युवक ने बताया कि वह कबाड़ का काम करता है। वह एक युवती से प्रेम करता था। दोनों शादी की बात कर रहे थे लेकिन कुछ दिन पहले युवती ने संबंध समाप्त कर दिया। इससे वह मानसिक तनाव और अवसाद में आकर आत्मघाती कदम उठाने का प्रयास किया था।
मेटा अलर्ट से 3420 लोगों की बच चुकी है जान
उत्तर प्रदेश पुलिस और मेटा के बीच वर्ष 2022 से व्यवस्था लागू है जिसके तहत फेसबुक या इंस्टाग्राम पर आत्महत्या संबंधी पोस्ट मिलने पर मेटा पुलिस मुख्यालय को तत्काल अलर्ट भेजता है। एक जनवरी 2023 से 15 जुलाई 2026 तक ऐसे अलर्ट पर कार्रवाई करते हुए 3420 लोगों की जान बचाई जा चुकी है।