क्षेत्र में बुधवार को मौसम ने अचानक करवट ली। रात में हुई बारिश के के बाद दिन भर मौसम सर्द रहा। मौसम के इस बदलाव ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी है। खराब मौसम का असर सरसों, गेहूं और गन्ने की फसलों पर पड़ रहा है।
मंगलवार रात हुई बारिश के बाद बुधवार सुबह क्षेत्र में कोहरा छाया रहा, जिससे यातायात एवं दिनचर्या प्रभावित हुई। दोपहर लगभग एक बजे धूप निकलने से लोगों को राहत की उम्मीद थी लेकिन तीन बजते-बजते आसमान में काले बादल छा गए और दिन में ही अंधेरा हो गया, जिससे तापमान में गिरावट हुई।
बारिश के चलते बड़ोखर समेत आसपास के अन्य गांवों की बिजली घंटों गुल रही। इस दौरान उपभोक्ताओं को समस्याओं का सामना करना पड़ा। देर रात बूंदाबांदी थमने के बाद पहुंचे बिजली कर्मियों ने फाल्ट को ठीक कर आपूर्ति बहाल कराई।
ग्राम टुड़ियार के किसान नन्द कुमार मिश्र ने बताया कि बारिश और हवा के कारण सरसों के फूल झड़ रहे हैं जिन फसलों में फलियां बन रहीं थी, उनमें भी अब उत्पादन कम होगा और तेल की मात्रा भी घटेगी। दादर गांव के किसान राम दयाल सिंह का कहना है कि यदि मौसम के हालात ऐसे ही रहे तो सरसों की खेती करने वाले किसानों को नुकसान उठाना पड़ सकता है।
हल्की बारिश गेहूं और जौ की फसलों के लिए लाभकारी है। इसके साथ चलने वाली तेज हवा फसलों को गिराकर नुकसान पहुंचा सकती है। इस मौसम में सबसे ज्यादा नुकसान सरसों की फसल को है।-उदय शंकर शुक्ल, प्रभारी, राजकीय कृषि बीज गोदाम कोरांव